रुद्रपुर : नगर निकाय चुनाव में रुद्रपुर मेयर सीट सामान्य होने की स्थिति में मजबूत दावेदार के रूप में विकास शर्मा पहले पायदान पर चल रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पसंदीदा उम्मीदवारों में से एक हैं। आम पब्लिक में लोकप्रियता के मामले में पहले पायदान पर, वहीं अगर बात की जाए रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा की उनके सबसे नजदीक विश्वासपात्र अमित नारंग भी हो सकते हैं मेयर पद के प्रबल दावेदार, विधायक शिव अरोड़ा का झुकाव अमित नारंग की ओर ज्यादा दिखाई पड़ता है। पुनः सीट आरक्षित होने पर मेयर रामपाल की जगह अन्य किसी उम्मीदवार को मिल सकता है मेयर का टिकट, सूत्र मेयर रामपाल एवं विधायक शिव अरोड़ा के बीच 36 का आंकड़ा, सुरेश कोहली विधायक शिव अरोड़ा के पसंदीदा उम्मीदवारों में से एक, आरक्षण का पिटारा भले ही भविष्य के गर्भ में है, लेकिन अगर यह सीट सामान्य हुई तो भाजपा के लिए राह आसान  होगी। रुद्रपुर में भाजपा की मजबूत स्थिति का फायदा नगर निगम चुनाव में पार्टी को मिल सकता है। लोकसभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में रुद्रपुर नगर निगम से एक तरफा वोटिंग हुई थी। वहीं अगर रुद्रपुर के  पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के भाई संजय ठुकराल की बात की जाए! सामान्य सीट होने पर रुद्रपुर नगर निगम का चुनाव दिलचस्प होने जा रहा है। रुद्रपुर शहर व नगर निगम के आसपास रुद्रपुर नगर निगम के चुनाव को लेकर लोगों में उत्सुकता, कौन बनेगा रुद्रपुर नगर निगम का मेयर, यह तो सब चुनाव के बाद परिणाम से ही मालूम चलेगा, लेकिन राजनीतिक गलियारे में रुद्रपुर नगर निगम की खूब चर्चा हो रही है। चाटुकार भी माहौल बनाने में लगे हुए हैं।

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दो बार के विधायक राजकुमार ठुकराल को भले ही भाजपा ने दुत्कार दिया हो, लेकिन राजनीति के मैदान में उनको चौके-छक्के लगाते देखा जा सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद ठुकराल भाजपा प्रत्याशी शिव अरोरा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़े और 27000 मत पाए।

जनता के बीच आज भी वह एक बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में उनकी वापसी की कोशिशो को झटका लगा। यहाँ तक की उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वाले उनके करीबियों ने भी दूरी बना ली। अब क्योंकि निकाय चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में राजकुमार ठुकराल के लिए यह बड़ा मौका भी है।

रुद्रपुर मेयर सीट अगर सामान्य हुई तो ठुकराल का चुनावी मैदान में उतरना तय है।

कांग्रेस, जिसे एक मजबूत प्रत्याशी की जरूरत है और राजकुमार ठुकराल को भी एक बड़े राजनीतिक प्लेटफार्म की, तो ऐसे में दोनों के लिए यह सुनहरा मौका भी है।


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