

दो बार के विधायक राजकुमार ठुकराल को भले ही भाजपा ने दुत्कार दिया हो, लेकिन राजनीति के मैदान में उनको चौके-छक्के लगाते देखा जा सकता है। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद ठुकराल भाजपा प्रत्याशी शिव अरोरा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़े और 27000 मत पाए।


जनता के बीच आज भी वह एक बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में उनकी वापसी की कोशिशो को झटका लगा। यहाँ तक की उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने वाले उनके करीबियों ने भी दूरी बना ली। अब क्योंकि निकाय चुनाव सिर पर हैं, ऐसे में राजकुमार ठुकराल के लिए यह बड़ा मौका भी है।
रुद्रपुर मेयर सीट अगर सामान्य हुई तो ठुकराल का चुनावी मैदान में उतरना तय है।
कांग्रेस, जिसे एक मजबूत प्रत्याशी की जरूरत है और राजकुमार ठुकराल को भी एक बड़े राजनीतिक प्लेटफार्म की, तो ऐसे में दोनों के लिए यह सुनहरा मौका भी है।
