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रुद्रपुर में PCPNDT टीम की बड़ी कार्रवाई: 8 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक छापेमारी, अवैध लिंग जांच पर सख्ती

रुद्रपुर, 06 अप्रैल 2026। जनपद में कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के…

बैसाखी पर्व पर मां भुवनेश्वरी की दिव्य डोली हरिद्वार से फाजलपुर पहुंचेगी, फौजी मटकोटा में लगेगा भव्य दरबार

रुद्रपुर। आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा ऊधम…

ध्वजारोहण के साथ धूमधाम से मनाया भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस

रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय में भव्य एवं…

स्पा सेंटरों की आड़ में फैलता अनैतिक कारोबार: छापेमारी से आगे कब मिलेगा स्थायी समाधान?

रुद्रपुर में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दो स्पा सेंटरों पर छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़रुद्रपुर।…

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पेंशनर्स सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी की बैठक में गूंजा वरिष्ठों का दर्द, अग्रसेन ट्रस्ट भी रहा साथ

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था जिसके बाद लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

विशेष संपादकीय (सार): “हरक सिंह रावत—एजेंट का तमगा या सियासत का सच?”

रुद्रपुर/उत्तराखंड | गैस कालाबाजारी पर सख्ती, ‘छोटू सिलेंडर’ समाधान की ओर बढ़ा प्रशासन — हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की खबर का बड़ा असर

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रुद्रपुर में शिक्षा नहीं, ‘स्टेटस’ का खेल? डीपीएस के खिलाफ सोमवार से बड़ा आंदोलन, अभिभावकों में उबाल

रुद्रपुर। ऊधमसिंहनगर के चर्चित निजी स्कूल Delhi Public School Rudrapur एक बार फिर विवादों में घिर गया है। कक्षा 4…

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विशेष संपादकीय (सार): “हरक सिंह रावत—एजेंट का तमगा या सियासत का सच?”

उत्तराखंड की राजनीति इन दिनों एक बार फिर बयानबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और सोशल मीडिया ट्रायल के दौर से गुजर रही है।…

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रुद्रपुर/उत्तराखंड | गैस कालाबाजारी पर सख्ती, ‘छोटू सिलेंडर’ समाधान की ओर बढ़ा प्रशासन — हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की खबर का बड़ा असर

सिद्धबली बाबा के आशीर्वाद से नई ट्रेडिंग कंपनी की शुरुआत, रोजगार सृजन का संकल्प

भीलवाड़ा का संकट—उत्तराखंड के औद्योगिक तंत्र के लिए चेतावनी

शनिवार, 4 अप्रैल 2026 का दिन इसी ऐतिहासिक घटना का साक्षी बन रहा है। आसमान में शनिदेव ने अपनी नींद त्याग दी है और उनकी अमृतमयी दृष्टि 12 में से 5 विशेष राशियों पर सीधे पड़ रही है।

रुद्रपुर में PCPNDT टीम की बड़ी कार्रवाई: 8 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर औचक छापेमारी, अवैध लिंग जांच पर सख्ती

रुद्रपुर, 06 अप्रैल 2026। जनपद में कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए आज व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया।…

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बैसाखी पर्व पर मां भुवनेश्वरी की दिव्य डोली हरिद्वार से फाजलपुर पहुंचेगी, फौजी मटकोटा में लगेगा भव्य दरबार

रुद्रपुर। आस्था, भक्ति और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा ऊधम सिंह नगर, जहां बैसाखी पर्व के पावन अवसर पर मां भुवनेश्वरी देवी जी की दिव्य…

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ध्वजारोहण के साथ धूमधाम से मनाया भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस

रुद्रपुर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय में भव्य एवं उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाध्यक्ष कमल जिंदल के नेतृत्व में ध्वजारोहण किया गया…

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स्पा सेंटरों की आड़ में फैलता अनैतिक कारोबार: छापेमारी से आगे कब मिलेगा स्थायी समाधान?

रुद्रपुर में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दो स्पा सेंटरों पर छापा, देह व्यापार का भंडाफोड़रुद्रपुर। ऊधम सिंह नगर पुलिस ने “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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आईसीसी ने 2026 में होने वाले महिला टी-20 विश्व कप की घोषणा कर दी है। 1 मई को की गई घोषणा में आईसीसी ने कहा कि पहली बार टूर्नामेंट में 12 टीमें खेलती नजर आएंगी।

आईसीसी ने टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल मैच का स्थान भी तय कर दिया है। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट का फाइनल 5 जुलाई को लॉर्ड्स में खेला जाएगा। इससे […]

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो गई है. 2 मई को कपाट खुलते ही बड़ी तादाद में भक्‍तों ने दर्शन किए. हिमालय क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर भारी बर्फबारी और ठंड के चलते साल में 6 महीने बंद रहता है.

वहीं बाकी 6 महीनों में ही भक्‍त केदार बाबा के दर्शन कर पाते हैं. केदारनाथ की महिमा अपरंपार मानी गई है. भगवान शिव के इस धाम का इतिहास भगवान विष्णु […]

नैनीताल,में बालिका से दुष्कर्म के मामले में उसकी मां की ओर से रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसमें कहा गया है कि ठेकेदार उस्मान बच्ची को बाजार से अपने घर ले गया और वहां गैराज में खड़ी कार में उससे दुराचार किया।

विरोध किया तो चाकू दिखाते हुए उसके मुंह पर कपड़ा बांध दिया। घटना बताने पर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे दी थी। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल […]

हर ग्रह एक निश्चित समय अवधि में राशि परिवर्तन करता है। ग्रहों के गोचर प्रभाव से संपूर्ण राशिचक्र प्रभावित होता है। इसी कड़ी में ज्योतिष के अनुसार, जून महीने में सूर्यदेव और शुक्र ग्रह की युति होगी।

सूर्य और शुक्र की युति से ‘शुक्रादित्य राजयोग’ का निर्माण होगा। सूर्य-शुक्र की युति से बनने वाला राजयोग चुनिंदा 3 राशि वालों के लिए लाभकारी रहने वाला है। चलिए जानते […]

विकराल हादसे की आहट: क्या विशाल मेगा मार्ट मौत का कुंआ बन चुका है?एक चेतावनी, एक जनहिंसा की आशंका! अवतार सिंह बिष्ट, संपादक, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

रुद्रपुर,उत्तराखंड के औद्योगिक शहर रुद्रपुर में स्थित विशाल मेगा मार्ट एक समय पर लोगों के लिए शॉपिंग का प्रमुख केंद्र था। लेकिन अब यही परिसर जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से […]

विकराल हादसे की आहट: क्या विशाल मेगा मार्ट मौत का कुंआ बन चुका है?एक चेतावनी, एक जनहिंसा की आशंका! अवतार सिंह बिष्ट, संपादक, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

रुद्रपुर,उत्तराखंड के औद्योगिक शहर रुद्रपुर में स्थित विशाल मेगा मार्ट एक समय पर लोगों के लिए शॉपिंग का प्रमुख केंद्र था। लेकिन अब यही परिसर जन सुरक्षा के दृष्टिकोण से […]

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई के पहले ही पाकिस्तान में भूचाल आ गया है. पाकिस्तान में ‘तख्‍तापलट’ की आशंका प्रबल हो गई है.सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना का दबदबा बढ़ गया है, भारत की सैन्य कार्रवाई के डर के बीच वो ही बड़े फैसले ले रही है.

सेना और सरकार में तनातनी के बीच पाकिस्तान में बुधवार आधी रात को बड़ा ऐलान हुआ और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद असीम मलिक को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय […]

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में कहा कि आतंकवाद को जड़ समेत उखाड़ फेकेंगे। आतंकियों को चुन-चुन कर मारेंगे। आतंक पर सरकार की जीरो टॉरेंस की नीति है।

उन्होंने कहा कि हमला करने वाले आतंकी नहीं बचेंगे। आतंकवाद के खात्मे तक ये लड़ाई जारी रहेगी। आतंकवाद को जड़ से नाश करेंगे। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड […]

नैनीताल,शहर में 12 वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के बाद हुआ बवाल दूसरे दिन भी नहीं थमा। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरकर जमकर हंगामा कर रहे हैं। शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल है।

सड़कों पर सिर्फ प्रदर्शनकारी और पुलिस ही नजर आ रही है। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड) भाजपाई, हिंदूवादी संगठनों से जुड़े […]

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान संबंधों को एक बार फिर तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंचा दिया है. इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई, जबकि 20 से अधिक घायल हुए.

जिस स्थान को लोग शांति और सुकून के लिए चुनते थे, वह अब मौत का मंजर बन गया. इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) नामक आतंकी संगठन ने […]