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अल्मोड़ा: शिवसेना के नेतृत्व में किसानों का उद्यान विभाग पर धरना, घेराव के बाद मिला भुगतान का आश्वासन

अल्मोड़ा। पीड़ित किसानों ने आज अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर उद्यान विभाग के…

हिन्दू आस्था पर पहरा: बदरीनाथ में नए नियमों से उठे सवाल!बदरीनाथ धाम में नई व्यवस्था: आस्था पर सवाल या प्रबंधन की सख्ती?

उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों पर अनुमति और जुर्माने की अनिवार्यता ने…

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने सहायक कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।

आयोग के सचिव डा. शिव कुमार बरनवाल के अनुसार कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी…

श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय (SDSUV) ने कई पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। विश्वविद्यालय ने 64 विभिन्न पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसमें प्रोफेसर का पद भी शामिल है।

इस अधिसूचना के अनुसार, सहायक प्रोफेसर, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, सहयोगी प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों के…

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“ब्लैक गैस माफिया पर प्रहार: रुद्रपुर में प्रशासन की सख्ती से जगी उम्मीद”

“जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चन्द्र तिवारी की सख्ती से रुद्रपुर में गैस कालाबाजारी पर शिकंजा”…

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सड़क पर बिखरती ज़िंदगियाँ: संविदा कर्मियों की असुरक्षित दुनिया और समाज की जिम्मेदारी

रुद्रपुर की सड़कों पर एक और ज़िंदगी बेआवाज़ खत्म हो गई। नवोदय विद्यालय में कार्यरत संविदा कर्मी संतोष कुमार की…

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राजस्व में रिकॉर्ड, गांव-गांव तक शराब की दुकानों का विस्तार: धामी सरकार की ‘नई आबकारी उपलब्धि’”नशा युक्त उत्तराखंड: बीजेपी सरकार की ‘उपलब्धि’ का कड़वा सच”

अप्रैल का पूर्णिमा का चाँद, जिसे ‘पिंक मून’ भी कहा जाता है, 1-2 अप्रैल को उगने वाला है। यह वसंत का पहला पूर्णिमा का चाँद होगा। इस पूर्णिमा का नाम गुलाबी रंग के जंगली फूलों ‘फ्लोक्स’ के नाम पर रखा गया है, जो साल के इस समय उत्तरी अमेरिका में खिलते हैं।

आईटी सेक्टर में नौकरी जाने का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. कई हफ्तों की अटकलों के बाद, दिग्गज टेक कंपनी ओरेकल ने एक झटके में अपने हजारों कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

देश में आज से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। पहले चरण की जनगणना में 33 सवालों के सेट से मकान और परिवार की जानकारी ली जाएगी। पहली बार डिजिटल जनगणना होगी जिसमें वेब पोर्टल के जरिये सेल्फ-एन्युमरेशन का ऑप्शन होगा।

अल्मोड़ा: शिवसेना के नेतृत्व में किसानों का उद्यान विभाग पर धरना, घेराव के बाद मिला भुगतान का आश्वासन

अल्मोड़ा। पीड़ित किसानों ने आज अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर उद्यान विभाग के निदेशक कार्यालय (चौबटिया) में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिवसेना के कुमाऊं प्रभारी पुरनचंद भट्ट…

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हिन्दू आस्था पर पहरा: बदरीनाथ में नए नियमों से उठे सवाल!बदरीनाथ धाम में नई व्यवस्था: आस्था पर सवाल या प्रबंधन की सख्ती?

उत्तराखंड के पवित्र बदरीनाथ धाम में धार्मिक आयोजनों पर अनुमति और जुर्माने की अनिवार्यता ने एक नई चिंता को जन्म दिया है। सदियों से चल रहे भंडारे और भागवत कथाएं…

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने सहायक कृषि अधिकारी भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है।

आयोग के सचिव डा. शिव कुमार बरनवाल के अनुसार कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी एवं प्राविधिक सहायक (अभियंत्रण शाखा) के पदों के लिए लिखित परीक्षा 21 दिसंबर, 2025 को…

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श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय (SDSUV) ने कई पदों के लिए भर्ती की घोषणा की है। विश्वविद्यालय ने 64 विभिन्न पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसमें प्रोफेसर का पद भी शामिल है।

इस अधिसूचना के अनुसार, सहायक प्रोफेसर, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष, सहयोगी प्रोफेसर और प्रोफेसर के पदों के लिए रिक्तियां भरी जाएंगी। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाकुंभ को भारत के इतिहास में अहम मोड़ करार देते हुए मंगलवार को लोकसभा में कहा कि दुनिया ने देश के विराट स्वरूप को देखा और यह ‘सबका प्रयास’ का साक्षात स्वरूप था।

उन्होंने निचले सदन में प्रयागराज महाकुंभ को लेकर दिए एक वक्तव्य में यह भी कहा कि महाकुंभ से ‘एकता का अमृत’ और कई अन्य अमृत निकले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, […]

उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक बार फिर हिंदुत्व छवि को आगे बढ़ाते हुए बड़ा फैसला लिया है। धामी सरकार ने प्रदेश में जारी होने वाले अधिसूचनाओं में विक्रम संवत और हिन्दू महीने का उल्लेख करने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में मुख्यमंत्री ने तत्काल आदेश जारी करने के निर्देश दिए है। सीएम धामी ने मुख्य सचिव को इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग को जरूरी आदेश तत्काल जारी […]

उत्तराखंड में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का बड़ा बयान सामने आया है। कहा कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि उनको यह बहुत पहले कर देना चाहिए था।पहले तो सुबोध उनियाल पत्रकारों के सामने प्रेमचंद के मामले में अपनी प्रतिक्रिया देने से बचते रहे लेकिन आखिरी समय में यह बातें बोल गए।

जगतगुरू आश्रम में जगतगुरु शंकराचार्य और कैबिनेट मंत्री के बीच काफी देर तक धर्म और अध्यात्म से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शंकराचार्य […]

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कर्मचारियों और शिक्षकों के वार्षिक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को कार्मिक विभाग ने सभी विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी को तबादला ऐक्ट के तहत 10 जून तक अनिवार्य रूप से प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए।

अपर सचिव कार्मिक ललित मोहन रयाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभाग वार्षिक स्थानांतरण नीति-2017 के अनुसार प्रक्रिया पूरी करेंगे। ऐक्ट के मुताबिक, विभागों को […]

उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। सोमवार देर रात पांच आईपीएस और पांच पीपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। रिद्धिम अग्रवाल से विशेष सचिव गृह की जिम्मेदारी वापस लेते हुए उन्हें आईजी कुमाऊं की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं, आईजी कुमाऊं रहे योगेंद्र सिंह रावत अब मुख्यालय में कार्मिक का प्रभार संभालेंगे। प्रिंट मीडिया, शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड) […]

Imagesनरेंद्र मोदी के बाद बीजेपी किसे पीएम के लिए आगे करेगी, इस पर कई तरह की अटकलें लगाई जाती हैं।योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में आठ साल पूरे करने जा रहे हैं.

52 साल के योगी आदित्यनाथ 1998 में महज 26 साल की उम्र में लोकसभा सांसद बन गए थे. वहीं नरेंद्र मोदी 52 साल की उम्र में पहली बार चुनावी राजनीति […]

18 March 2025: पढ़ें अपना दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) और जानें अपना आज का भविष्य। आज का राशिफल (Daily Horoscope), वैदिक ज्योतिष की गणना पर आधारित है। इस राशिफल की मदद से आप यह जान सकते हैं कि आज का दिन आपके लिए कैसा बीतेगा।

क्या आपको शानदार परिणाम मिलेंगे या दिन मिलाजुला रहेगा अथवा करना होगा चुनौतियों का सामना। इसमें सभी 12 राशियों (मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ […]

T20I: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब ज्यादातर फैंस वनडे और टेस्ट के मुकाबले टी20 फॉर्मेट को देखना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसमें लगने वाले चौके-छक्के हैं।

हर टीम के खिलाड़ी इस फॉर्मेट में तेज गति से रन बनाना पसंद करते हैं, जिसकी वजह से फैंस को काफी ज्यादा उत्साहित हो जाते हैं। हालांकि, हर मैच में […]

भारतीय क्रिकेटर बागी होने लगे हैं. वे दुनिया के सबसे ताकतवर क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं. जिस बीसीसीआई के सामने आईसीसी सहम जाती है, उसके खिलाफ विराट कोहली जमकर बोले.

कोहली ने बोर्ड को सरल शब्दों में अपना संदेश दिया कि परिवार किसी खिलाड़ी के लिए कितनी अहमियत रखता है. कोहली जैसे कह रहे हों कि क्रिकेटर कोई ग्लेडिएटर नहीं […]

18 March 2025: आज मंगलवार का दिन है। यह दिन पूर्ण रूप से भगवान हनुमान को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें बुद्धि, ज्ञान, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

साथ ही जीवन में शुभता आती है। आज के दिन (18 March 2025 Panchang) की शुरुआत करने से पहले यहां दिए गए शुभ व अशुभ समय को अवश्य जान लें, […]