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रुद्रपुर में भक्ति की गूंज और नानकमत्ता में सियासी शक्ति प्रदर्शन — पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का दोहरा अंदाज़ चर्चा में

रुद्रपुर।आदर्श इंदिरा बंगाली कॉलोनी वार्ड 35 स्थित श्री श्री शनि देव मंदिर प्रांगण में अष्टम…

अमेरिकी वायुसेना के दूसरे पायलट का रेस्क्यू कर लिया गया है. ईरान ने 3 अप्रैल को अमेरिकी वायुसेना का F-15E मार गिराया था. इसमें दो पायलट थे. एक पायलट को तो उसी दिन सुरक्षित बचा लिया गया था.

लेकिन दूसरा पायलट दो दिन से लापता था. अब खबर है कि दूसरे पायलट का…

पेंशनर्स सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी की बैठक में गूंजा वरिष्ठों का दर्द, अग्रसेन ट्रस्ट भी रहा साथ

रुद्रपुर। आज महाराजा अग्रसेन परिसर में आयोजित बैठक में पेंशनर्स सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी-उत्तराखण्ड के…

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था जिसके बाद लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन दुश्मन क्षेत्र के अंदर चलाया जा रहा है, जिससे स्थिति…

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शनिवार, 4 अप्रैल 2026 का दिन इसी ऐतिहासिक घटना का साक्षी बन रहा है। आसमान में शनिदेव ने अपनी नींद त्याग दी है और उनकी अमृतमयी दृष्टि 12 में से 5 विशेष राशियों पर सीधे पड़ रही है।

आज से इन 5 राशियों के जीवन से दरिद्रता और संघर्ष का अंत होगा और महाकल्याण शुरू होगा। आइए पढ़ते…

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US Fighter jet In Iran: अमेरिकी F-15E फाइटर जेट शुक्रवार को ईरान में गिर गया. यह फरवरी 28 से शुरू हुए युद्ध के बाद पहली बार ऐसा मामला है जब अमेरिका का लड़ाकू विमान देश के भीतर गिरा है.

सूत्रों के अनुसार, विमान में दो लोग सवार थे, एक पायलट और पीछे सीट पर वेपन-सिस्टम्स ऑफिसर. हालांकि, विमान के…

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रुद्रपुर से गिरफ्तार साइबर ठग: ऋषिकेश के बुजुर्ग दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 69 लाख की ठगी

राज्य स्तरीय शैलेश मटियानी पुरस्कार इस बार 12 प्रारंभिक, छह माध्यमिक शिक्षकों के अलावा एक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) उत्तरकाशी के शिक्षक को दिया जाएगा।

रुद्रपुर में ‘वेल्थब्लूम फाइनेंशियल सर्विसेज’ का भव्य शुभारंभ, मेयर विकास शर्मा ने किया उद्घाटन

ओवरटेकिंग विवाद में रोडवेज बस पर हमला — 24 घंटे में 4 आरोपी गिरफ्तार

रुद्रपुर में भक्ति की गूंज और नानकमत्ता में सियासी शक्ति प्रदर्शन — पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का दोहरा अंदाज़ चर्चा में

रुद्रपुर।आदर्श इंदिरा बंगाली कॉलोनी वार्ड 35 स्थित श्री श्री शनि देव मंदिर प्रांगण में अष्टम पहर महानाम संकीर्तन का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में पूर्व विधायक राजकुमार…

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अमेरिकी वायुसेना के दूसरे पायलट का रेस्क्यू कर लिया गया है. ईरान ने 3 अप्रैल को अमेरिकी वायुसेना का F-15E मार गिराया था. इसमें दो पायलट थे. एक पायलट को तो उसी दिन सुरक्षित बचा लिया गया था.

लेकिन दूसरा पायलट दो दिन से लापता था. अब खबर है कि दूसरे पायलट का भी अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने रेस्क्यू कर लिया है. अल-जजीरा ने अमेरिकी अधिकारी के हवाले…

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पेंशनर्स सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी की बैठक में गूंजा वरिष्ठों का दर्द, अग्रसेन ट्रस्ट भी रहा साथ

रुद्रपुर। आज महाराजा अग्रसेन परिसर में आयोजित बैठक में पेंशनर्स सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी-उत्तराखण्ड के बैनर तले वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं पर गंभीर मंथन हुआ, जिसमें महाराजा अग्रसेन ग्लोबल चैरिटेबल…

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मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर हो गए हैं. जानकारी के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था जिसके बाद लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी स्पेशल फोर्स ने एक हाई-रिस्क रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ऑपरेशन दुश्मन क्षेत्र के अंदर चलाया जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है. अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर (…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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किच्छा, राघवनगर: दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड का बोनस वितरण समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ राघवनगर में आयोजित दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लिमिटेड के बोनस वितरण समारोह का शुभारंभ पूर्व विधायक राजेश शुक्ला और दुग्ध समिति उधमसिंहनगर की अध्यक्ष प्रभा रावत ने किया।

किच्छा कार्यक्रम में स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को न केवल उनके परिश्रम का फल बोनस के रूप में दिया गया, बल्कि उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण को पुरस्कारों के साथ भी […]

इंटरनेट को जियो, एयरटेल और बीएसएनएल से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। आपके घर तक पहुंचने वाला इंटरनेट कई देशों से होकर गुजरता है। इस इंटरनेट को समुद्री केबल की मदद से आप तक पहुंचाया जाता है।

वही आपके डेटा को बड़े डेटा सेंटर में स्टोर किया जाता है। ऐसे में जिसके पास डेटा सेंटर और समुद्री केबल का कब्जा होता है, वो पूरी दुनिया के इंटरनेट […]

रूद्रपुर, उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार बुधवार 09. अक्टूबर को माननीय जिला न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उधम सिंह नगर सिकंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में जिला न्यायालय परिसर में स्थित ए०डी०आर० बिल्डिंग के मीटिंग हॉल में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

रूद्रपुर, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन विभाग रूद्रपुर की टीम द्वारा पराविधिक कार्यकर्त्तागणों व स्वयंसेवी कार्यकर्त्ताओं आदि को ग्लेशियरों का टूटना, बादल फटना, भूकंपीय गतिविधि, अचानक बाढ़ […]

रूद्रपुर, जिलाधिकारी उदयराज सिंह ने धान खरीद की समीक्षा बैठक लेते हुए सभी उपजिलाधिकारियों, मंडी सचिवो व केन्द्र व्यवस्थापकों को सभी व्यवस्थाए सुनिश्चित करने के निर्देश दिये ताकि जो भी किसान केन्द्रों पर धान लेकर आये उन्हे किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े

जिलाधिकारी ने कहा कि धान केन्द्र पर यदि कही कोई परेशानी आती है तो उच्च स्तर वार्ता कर समस्या का तत्काल समाधान करना सुनिश्चित करें। उन्होने सभी उप जिलाधिकारियों से […]

रूद्रपुर, 10 अक्टूबर, 2024- जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/आपातकालीन परिचान केन्द्र में 1.70 करोड़ की लागत से पूर्व भवन का सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकरण व नव निर्मित सभागार का लोकार्पण जिलाधिकारी उदयराज सिंह द्वारा

रूद्रपुर, 10 अक्टूबर, 2024- जिला जिलाधिकारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण/आपात कालीन परिचान केन्द्र के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकरण से आपदा के समय कार्यो के सम्पादन में […]

गोवा मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत ने कहा बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन कर मन को शांति मिलती है। रिपोर्ट। ललित जोशी / हर्षित जोशी

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल से 15 किलोमीटर दूर बाबा नीम करौली कैंची धाम में लगातार भक्तों की संख्या बढ़ रही है। देश विदेश से भक्त राजनेता क्रिकेटर आकर नीब करौरी […]

उत्तराखंड में भूमि बंदोबस्त नए सिरे से हो सकेगा, इसका पूरा दायित्व दो पायलट प्रोजेक्ट पर टिका है। चार शहरों और पांच गांवों में नए सिरे से होने वाले भूमि बंदोबस्त की सफलता देखने के बाद ही केंद्र सरकार पूरे प्रदेश में इसके क्रियान्वयन के संबंध में निर्णय लेगी।

पायलट प्रोजेक्ट से यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि भूमि बंदोबस्त की राह में किस प्रकार की बाधाएं आ रही हैं। इसके अनुसार ही भू अभिलेखों को डिजिटाइज किया जाएगा। […]

शारदीय नवरात्रि का आठवां दिन यानी अष्टमी तिथि मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित होता है. मां महागौरी की पूजा करने से व्यक्ति के दांपत्य सुख, व्यापार, धन और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है.

माना जाता है कि जो भी व्यक्ति विधि विधान से मां महागौरी की पूजा करता है उसकी शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं. हिंदुस्तान Global Times/print media,शैल ग्लोबल टाइम्स,अवतार […]

हरियाणा चुनाव में कांग्रेस को मिली अप्रत्याशित हार ने जमीन पर सभी समीकरण को बदल दिया हैं। जिस कांग्रेस को लोकसभा चुनाव के बाद इंडिया गठबंधन के अंदर भी एक अच्छी बढ़त मिल गई थी, ऐसा माना जा रहा है कि उसने वो सब एक झटके में गंवा दी है।

असल में हरियाणा चुनाव को लेकर कहा जा रहा था कि कांग्रेस एक अप्रत्याशित और ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी, उसके पक्ष में लहर चल रही थी। तमाम एग्जिट पोल भी […]

ग्रहों में से राहु को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। एक छाया ग्रह होने के बावजूद इसकी स्थिति में बदलाव का असर किसी राशि के जीवन में उथल-पुथल मचा सकती है।

द्रिक पंचांग के अनुसार, 2 दिसंबर को दोपहर 4 बजकर 4 मिनट पर उत्तर भाद्रपद के द्वितीय पद में प्रवेश कर जाएंगे और इस पद में 12 जनवरी 2025 तक […]