

रुद्रपुर/पंतनगर, 14 मार्च 2026।
Pushkar Singh Dhami ने Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology, पंतनगर में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्या

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
लय साहित्य का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में इतने बड़े स्तर पर किसान मेले का आयोजन होना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी मिलती है और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को देश का अन्नदाता और असली नायक बताते हुए कहा कि किसानों की मेहनत और समर्पण से ही देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि Narendra Modi की विकसित भारत की संकल्पना में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा 10 करोड़ से अधिक किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिया जा रहा है और हाल ही में 22वीं किस्त किसानों के खातों में भेजी गई है। उत्तराखंड में भी 9 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु केंद्र सरकार द्वारा 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के उत्थान के लिए फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान मानधन योजना, दलहन आत्मनिर्भर योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना और बूंद-बूंद सिंचाई जैसी योजनाएं चला रही हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है और किसानों के लिए 14 हजार करोड़ रुपये की लागत से सात नई परियोजनाएं लागू की गई हैं। राज्य सरकार किसानों को 3 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिसमें अब तक 115 करोड़ की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए क्षेत्र विशेष के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं और 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति लागू की गई है। कई योजनाओं में किसानों को 80 प्रतिशत तक राजकीय सहायता भी दी जा रही है।
पंतनगर किसान मेले में भी दिखी नजदीकी
पंतनगर में आयोजित किसान मेले के दौरान भी पूर्व विधायक Rajesh Shukla की सक्रियता चर्चा में रही। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन से लेकर स्वागत और विभिन्न आयोजनों में शुक्ला की अहम भूमिका नजर आई, जिससे दोनों नेताओं की बढ़ती राजनीतिक नजदीकियां स्पष्ट दिखाई दीं।
उन्होंने बताया कि राज्य में 7 एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश में फलों के उत्पादन में करीब ढाई प्रतिशत वृद्धि हुई है तथा मशरूम उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जिससे उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर आ गया है। इसी प्रकार राज्य में 3300 मीट्रिक टन शहद उत्पादन हो रहा है और उत्तराखंड देश में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र में 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया है, जिसमें कृषि, उद्यान, एरोमैटिक, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि अनुसंधान के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति Manmohan Singh Chauhan ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि 119वें कृषि मेले का आयोजन विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग इसमें भाग ले रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे अनुसंधान और कृषि विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष Ajay Maurya,पूर्व विधायक Rajesh Shukla, विधायक Tilak Raj Behar, मेयर Vikas Sharma, दर्जा मंत्री Anil Kapoor Dabbu, Farzana Begum, पूर्व दर्जा मंत्री Rajesh Kumar, जिलाधिकारी Nitin Singh Bhadauria, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Ajay Ganapati, मुख्य विकास अधिकारी Divesh Shasni, Jitendra Kwatra, B S Chalal तथा पद्मश्री Madhuri Barthwal सहित विश्वविद्यालय के डीन, डायरेक्टर और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।




