

हालांकि, यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि आखिर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को कैसे मारा? खामेनेई की हत्या को लेकर अब ऐसा खुलासा हुआ है, जिसे जान एक आम रीडर का माथा झन्ना जाएगा. जी हां, ईरान के ट्रैफिक कैमरे काफी समय से हैक थे. खामेनेई की हर गतिविधि पर मोसाद की नजर थी.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
दरअसल, इजराइल ने खामेनेई और सीनियर ईरानी अधिकारियों को ट्रैक करने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरे हैक कर लिए थे. जी हां, फाइनेंशियल टाइम्स ने इस मामले से वाकिफ दो सूत्रों के हवाले से बताया कि इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और दूसरे बड़े अधिकारियों के बॉडीगार्ड पर नजर रखने के लिए तेहरान के बड़े ट्रैफिक कैमरा नेटवर्क में घुसपैठ की थी. ये कैमरे मोसाद ने हैक कर लिए थे और खामेनेई की हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी.
ईरान में लगे कैमरों को देश के सर्विलांस सिस्टम का हिस्सा माना जाता है. ईरान के इन कैमरों का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों और सरकार के विरोधियों की पहचान करने और उन्हें ट्रैक करने के लिए किया जाता है. हालांकि, इजरायल की मोसाद इन कैमरों को ईरानी सरकार के खिलाफ मोड़ने में कामयाब रही.
खामेनेई की हत्या पर बड़ा खुलासा
फाइनेंशियल टाइम्स रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल को सालों पहले कैमरों का एक्सेस मिला और उसने पाया कि एक खास कैमरा इस तरह से एंगल पर लगा था कि उससे पता चलता था कि खामेनेई की सिक्योरिटी टीम के सदस्य अपनी कारें कहां पार्क करते हैं. कैमरों के जरिए इजरायली इंटेलिजेंस मोसाद ने गार्ड्स के पते, काम के शेड्यूल और उन्हें किसकी सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था.. इन सब पर फाइलें तैयार कीं.
मोसाद ने कैसे बिछाया जाल?
इसके अलावा इजरायल और अमेरिका ने ईरान की राजधानी तेहरान की पाश्चर स्ट्रीट पर सेलुलर सर्विस भी रोक दी थी, जहां सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या हुई थी. ऐसा इसलिए किया गया ताकि जो लोग बॉडीगार्ड तक पहुंचने और संभावित चेतावनी देने की कोशिश करते, उन्हें बिजी सिग्नल मिलता.
तेहरान की रग-रग से वाकिफ थी मोसाद
एक इज़राइली इंटेलिजेंस अधिकारी ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया, ‘हम तेहरान को वैसे ही जानते थे जैसे हम यरुशलम को जानते हैं.’ अधिकारी ने आगे कहा, ‘और जब आप किसी जगह को उतनी ही अच्छी तरह जानते हैं जितनी आप उस गली को जानते हैं जहाx आप पले-बढ़े हैं, तो आप एक भी चीज को नोटिस करते हैं जो जगह से हटकर है.’
AI का भी किया यूज
यह भी पता चला है कि इजरायल ने ईरान के नेतृत्व और उनकी गतिविधियों पर जमा हो रहे डेटा के ढेरों को छांटने के लिए AI टूल्स और एल्गोरिदम का इस्तेमाल किया. डेटा ने उन्हें खामेनेई को शनिवार की मीटिंग तक ट्रैक करने में मदद की, जहां सुप्रीम लीडर की मीटिंग खत्म हुई थी. इसके अलावा रिपोर्ट में बताया गया कि यूनाइटेड स्टेट्स की CIA के पास एक ह्यूमन सोर्स भी था जिसने ज़रूरी इंटेलिजेंस दी.




