

5 भगवान दास रोड पर बनी इस कोठी के लिए 1000 करोड़ रुपये की कीमत तय हुई है. जितनी चर्चा इस कोठी की हो रही है, उतनी ही चर्चा इस कोठी के खरीदार की भी हो रही है. दरअसल इसे खरीदने वाले शख्स ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पहले आधिकारिक आवास को 1100 करोड़ रुपये में खरीदा था.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
कौन है महाराजा की आलीशान कोठी का खरीदार
महाराजा मनुजेंद्र शाह के दिल्ली वाले आलीशान बंगले को खरीदने वाला दिल्ली के फूड बिजनेस सेक्टर से जुड़े हैं. बस इतनी जानकारी सामने आई है कि बिजनेसमैन दिल्ली के फूड एंड बेवरेज सेक्टर में मजबूत दावेदारी रखने वाले हैं. हालांकि खरीदार की पहचान फिलहाल सामने नहीं आई है. बस ये जानकारी फिलहाल सामने आई है कि दिल्ली के जिस बिजनेसमैन ने नेहरू का पहला आधिकारिक आवास खरीदा था, वहीं इस बंगले को भी खरीद रहे हैं. बायर्स पहले से ही दिल्ली के लुटियन जोन में रहते हैं और महाराजा की ये प्रॉपर्टी को खरीदने के फाइनल स्टेज में हैं. इन दोनों ही प्रॉपर्टीज को ‘ट्रॉफी एस्टेट्स’ की श्रेणी में रखा गया है.मतलब बेहद दुर्लभ और आलीशान प्रॉपर्टी माना गया है.
लग्जरी प्रॉपर्टी मार्केट में दिल्ली का बढ़ता दबदबा
दिल्ली में पुरानी संपत्तियों में खरीदारों की बढ़ती दिलचस्पी ये बताती है कि दिल्ली का लुटियंस ज़ोन आज भी रियल एस्टेट मार्केट के लिए खास है. टेहरी गढ़वाल के महाराजा मनुजेन्द्र शाह की कोठी की डील और 1000 करोड़ की वैल्यूएशन ने बता दिया है कि दिल्ली का रियल एस्टेट मार्केट आज भी आकर्षण का सेंटर बना हुआ है. लोग आज भी हैरिटेज संपत्तियों में दिलचस्पी रखते हैं.
कौन हैं टिहरी गढ़वाल के महाराजा
महाराजा जी के इस प्रॉपर्टी की बात करें तो 12950 वर्ग मीटर में फैला ये बंगला गढ़वाल राजपरिवार की परपंरा, उनकी विरासत को दर्शाता है. टिहरी गढ़वाल के महाराज मनुवेंद्र शाह टिहरी गढ़वाल राजघराने के 7वें राजा हैं. 1948 में उनका जन्म हुआ और 7 जनवरी 2007 में उन्हें टिहरी गढ़वाल का राजा घोषित किया गया. दिल्ली के मॉर्डन स्कूल से पढञाई और सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने महारानी माला राज्यलक्ष्मी शाह से शादी की.उनकी एक बेटी है. महाराज के पास ऐसी कई संपत्तियां है. वो इस बंगले को बेच रहे हैं, क्योंकि राजपरिवारों के पास पुरानी संपत्तियों की देखभाल की जिम्मेदारी होती है. वो इसे बेच रहे हैं, क्योंकि उस प्रॉपर्टी की देखभाल करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है.




