लोकधुनों की रंगीन शाम: कुमाऊनी, गढ़वाली, राजस्थानी और पंजाबी संस्कृति का संगम”

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“चंदोला मेडिकल कॉलेज का वार्षिक उत्सव: शिक्षा, संस्कृति और उल्लास का भव्य संगम”

रुद्रपुर। चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में माननीय शिव अरोड़ा, डॉ. के.सी. चंदोला, पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला,एल.एम. उप्रेती, कमलेंद सेमवाल, भरत लाल शाह, शालिनी बोरा सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षा, सेवा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का वातावरण उत्साह और गरिमामय उल्लास से परिपूर्ण रहा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

आज चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज, रुद्रपुर के वार्षिक उत्सव के अवसर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह संस्थान उत्तराखंड में आयुष एवं नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त स्तंभ बनकर उभरा है। सेवा, संस्कार और समर्पण के मूल मंत्र के साथ यह संस्थान पिछले दो दशकों से स्वास्थ्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर अपना योगदान दे रहा है।

चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज ने न केवल सैकड़ों कुशल चिकित्सक समाज को दिए हैं, बल्कि अपने आधुनिक अस्पताल के माध्यम से हजारों जरूरतमंद मरीजों को किफायती व प्रभावी चिकित्सा भी उपलब्ध कराई है। ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाना इस संस्थान की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी फैकल्टी, आधुनिक प्रयोगशालाएँ और समुचित क्लिनिकल प्रशिक्षण देकर उन्हें भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

वहीं वसुंधरा नर्सिंग कॉलेज ने नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बनाई है। यहाँ से प्रशिक्षित नर्सें न केवल उत्तराखंड बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अनुशासन, सेवा भाव और तकनीकी दक्षता इस कॉलेज की खास पहचान बन चुकी है।

संस्थान के प्रबंध निदेशक डॉ. किशोर चंदोला के दूरदर्शी नेतृत्व ने इन दोनों संस्थानों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके प्रयासों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सेवा को भी संस्थान का अभिन्न अंग बनाया गया है। स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और जनसेवा के कार्य निरंतर चलते रहते हैं।

स्वेता मेहरा की प्रस्तुति ने दर्शकों के मन-मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ी। उनकी आवाज़ में भावों की ऐसी सजीव अभिव्यक्ति थी कि हर श्रोता उसमें स्वतः ही डूबता चला गया। मंच पर उनका आत्मविश्वास, भाव-भंगिमा और शब्दों की स्पष्टता ने यह सिद्ध कर दिया कि वे केवल एक कलाकार नहीं बल्कि संवेदनाओं को जीवंत करने वाली सशक्त प्रस्तुता हैं। उनकी प्रस्तुति में कला, साधना और अनुशासन का अद्भुत संगम दिखाई दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों और दर्शकों ने तालियों की गूंज के साथ उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा। स्वेता मेहरा की यह प्रस्तुति लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।

आज का वार्षिक उत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि उन हजारों सफलताओं, संघर्षों और संकल्पों का उत्सव है, जिन्होंने इस संस्थान को प्रतिष्ठा दिलाई है। यह संस्थान निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को और अधिक सक्षम चिकित्सक व नर्सें देकर समाज की सेवा करता रहेगा।

कार्यक्रम में प्रस्तुत कुमाऊनी, गढ़वाली, राजस्थानी और पंजाबी गीतों व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कुमाऊनी लोकगीतों की मधुर धुनों पर कलाकारों ने पहाड़ी संस्कृति की सरलता, प्रकृति प्रेम और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। वहीं गढ़वाली नृत्य में पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-दमाऊं की थाप और ऊर्जावान कदमों ने पूरे पंडाल को तालियों से गूंजने पर मजबूर कर दिया।
राजस्थानी कार्यक्रम में घूमर और कालबेलिया नृत्य की रंगीन छटा, घाघरा की लहराती घेर और लोकसंगीत की मिठास ने मरुस्थलीय संस्कृति का सजीव चित्रण किया। पंजाबी गीतों पर भांगड़ा और गिद्धा की जोशीली प्रस्तुति ने युवाओं में खास ऊर्जा भर दी। विभिन्न राज्यों की इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त रूप से मंच पर उतारा और कार्यक्रम को अविस्मरणीय बना दिया।

इस कार्यक्रम में चिकित्सा, राजनीति, प्रशासन, खेल, संस्कृति, न्यायपालिका, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से डॉ. के. सी. चंदोला, डॉ. वसुंधरा चंदोला,  रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा, श्री जोगेन्द्र रौतेला — पूर्व मेयर, हल्द्वानी, कमलेंद्र सेमवाल, नागेंद्र शर्मा,

  1. श्री विमल चौघटी — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, साइक्लिंग संघ
  2. श्री मुकेश चतुर्वेदी — राष्ट्रीय पहलवान (कुश्ती)
  3. श्री हरेंद्र विष्ट — राष्ट्रीय खिलाड़ी (वॉलीबॉल)
  4. श्री विपुल शर्मा — वरिष्ठ अधिवक्ता, हाई कोर्ट
  5. श्री हेमंत नरुला — लालकुंआ

. शैल सांस्कृतिक परिषद के पूर्व अध्यक्ष भरत लाल शाह, श्रीमति दुर्गा शाह,डॉ. जगदीश गंभीर —श्री ललित मोहन उप्रेती — उप महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग,
श्रीमती शालिनी बोरा— जिला उपाध्यक्ष, भाजपा, उधमसिंहनगर, मोहन बिष्ट, ललित मोहन पांडे, भरत लाल शाह, डॉ LM उप्रेती, दिनेश भट्ट, गीता भट्ट, ईश्वर भट्ट,आनंद सिंह धामी, गुलाब शिरोही, विमल चौधरी, कीर्ति निधि शर्मा,  सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही विपिन जल्होत्रा,

अमृतपाल सिंह संधावा, शुभम पुजारा, विभिन्न राष्ट्रीय खिलाड़ी,  विपुल शर्मा, पूर्व मेयर जोगेंद्र रौतेला,  दीपक पांडे तथा अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते नजर आए।


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