शनि की साढ़े साती को लेकर लोगों के मन में एक अलग ही डर देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसे हमेशा नकारात्मक प्रभाव देने वाली दशा माना जाता है। लेकिन ज्योतिष की मानें तो साढ़े साती हर किसी के लिए बुरी नहीं होती।

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अगर किसी की कुंडली में शनि मजबूत स्थिति में विराजमान है तो शनि की ये दशा शुभ फल भी देती है। चलिए जानते हैं 2026 में किन राशियों पर शनि साढ़े साती चल रही है और साथ ही जानेंगे किस राशि पर इसका कौन सा चरण चल रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

ज्योतिष शास्त्र में शनि साढ़े साती को केवल कष्ट का समय नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्म-सुधार का काल भी माना गया है। शनि इस दौरान मनुष्य को उसकी गलतियों का अहसास कराते हैं और भूल सुधारने का मौका देते हैं। यही कारण है कि शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है, जो हमारे कर्मों के आधार पर हमें फल देते हैं।

शनि साढ़े साती किस राशि पर चल रही है?

  • कुंभ राशि
  • मीन राशि
  • मेष राशि

किस राशि पर शनि साढ़े साती का कौन सा चरण चल रहा है?

  • कुंभ राशि वालों पर इसका आखिरी चरण चल रहा है और 3 जून 2027 को आपको शनि साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी।
  • मीन राशि वालों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है और आपको इस दशा से मुक्ति 8 अगस्त 2029 को मिलेगी।
  • मेष राशि वालों पर अभी इसका पहला चरण चल रहा है और इससे मुक्ति आपको 31 मई 2032 को मिलेगी।

शनि साढ़े साती का सबसे भारी चरण कौन सा है?

शनि साढ़े साती का दूसरा चरण सबसे भारी माना जाता है जो अभी मीन राशि वालों पर चल रहा है। इस चरण में व्यक्ति चारों तरफ से परेशानियों से घिर जाता है। इस दौरान धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत होती है। साथ ही हर काम में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

शनि साढ़े साती से बचने के लिए क्या करें?

शनि साढ़े साती से बचने के लिए हर शनिवार शनि देव की चालीस पढ़ें। साथ ही पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। वहीं इस दिन शनि के नाम से दान जरूर करें। शनिवार को सरसों का तेल, काली उड़द, काले जूते, काले तिल इत्यादि का दान सबसे शुभ माना जाता है।


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