वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र नवरात्रि का पर्व 19 मार्च 2026 से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा। चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित होता है।

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इस दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखकर मां के विभिन्न स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इन दिनों देवी की उपासना करने से जीवन से नकारात्मकता, भय और कष्ट दूर होते हैं। साथ ही, मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। हालांकि, व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है, तभी इसका पूर्ण फल प्राप्त होता है। व्रत के दौरान व्रती को खान-पान से जुड़ी कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि चैत्र नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं और क्या नहीं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

चैत्र नवरात्रि व्रत के जरूरी नियम

चैत्र नवरात्रि व्रत रखने वाले व्यक्ति को सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। घर के पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखकर मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाना चाहिए। व्रत के दौरान सात्विक जीवनशैली अपनाना जरूरी होता है। इस दौरान झूठ बोलना, क्रोध करना और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। इन दिनों लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। कई लोग पूरे नौ दिन उपवास रखते हैं, जबकि कुछ लोग फलाहार या एक समय भोजन करते हैं।

नवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं?

नवरात्रि के व्रत में हल्का और सात्विक भोजन करना सबसे अच्छा माना जाता है। व्रती इस दौरान फल, दूध, दही, सूखे मेवे और साबूदाना आदि खा सकते हैं। इसके अलावा कुट्टू के आटे की पूरी, सिंघाड़े के आटे की रोटी, आलू की सब्जी और समक (सामा) के चावल भी व्रत में खाए जाते हैं। बता दें कि व्रत में सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है, क्योंकि इसे शुद्ध माना जाता है। इसके अलावा आप नारियल पानी और जूस का सेवन भी सेवन कर सकते हैं।

नवरात्रि व्रत पर क्या नहीं खाना चाहिए?

नवरात्रि व्रत के दौरान सामान्य नमक, गेहूं, चावल (साधारण), दालें और बेसन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही तामसिक भोजन जैसे लहसुन-प्याज, मांसाहार और नशीले पदार्थों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बाहर का जंक फूड या ज्यादा मसालेदार भोजन भी वर्जित माना जाता है।

चैत्र नवरात्रि व्रत का महत्व

यह पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का समय होता है, जिसमें भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत रखकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त पूरे नियम और श्रद्धा के साथ व्रत रखते हैं, उन्हें मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन की बाधाएं दूर हो सकती हैं। धार्मिक दृष्टि से, चैत्र नवरात्रि को नए वर्ष (हिंदू नववर्ष) की शुरुआत भी माना जाता है, इसलिए इस समय किया गया जप, तप और पूजा विशेष फलदायी होती है।

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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें


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