

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बाद प्रदेश में प्रस्तावित 11 जनवरी 2026 का उत्तराखंड बंद स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तराखंड द्वारा लिया गया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
इस संबंध में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा ने शनिवार को एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बंद का कोई औचित्य नहीं रह गया है और सभी व्यापारी रोज़ की तरह अपने प्रतिष्ठान खोलें।
प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में नारी को देवी का स्थान प्राप्त है, ऐसे में अंकिता जैसी बेटी के साथ हुई जघन्य घटना पूरे प्रदेश के लिए शर्मनाक है। इस हत्याकांड को लेकर जनमानस में गहरा आक्रोश था और किसी वीआईपी की संलिप्तता की आशंका के चलते प्रदेशभर में आंदोलन का माहौल बन गया था। सामाजिक, महिला और राजनीतिक संगठनों द्वारा सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जा रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में संगठन की 383 नगर इकाइयां सक्रिय हैं और प्रदेश बंद जैसे आंदोलनों में व्यापार मंडल की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी क्रम में 11 जनवरी को प्रस्तावित प्रदेश बंद के लिए व्यापार मंडल से भी सहयोग मांगा जा रहा था और कई जिलाध्यक्ष इस पर विचार कर रहे थे।
लेकिन शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति दिए जाने के बाद स्थिति में बदलाव आया। नवीन वर्मा ने कहा कि जब सरकार ने इस संवेदनशील मामले में ठोस कदम उठाया है, तो अब बंद का कोई तर्कसंगत आधार नहीं बचता।
उन्होंने संगठन के सभी पदाधिकारियों और नगर इकाइयों से अपील की कि किसी भ्रम में न रहें और 11 जनवरी को व्यापार सामान्य रूप से संचालित करें। साथ ही सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से भी अनुरोध किया कि अब इस मुद्दे पर बंद के लिए व्यापार मंडल से संपर्क न किया जाए।
प्रेस विज्ञप्ति पर प्रदेश अध्यक्ष नवीन चन्द्र वर्मा के साथ कार्यकारी अध्यक्ष प्रमोद गोयल, कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, संयुक्त महामंत्री नवनीत राणा, जिलाध्यक्ष नैनीताल विपिन गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष चन्द्रशेश्वर पंत, नगर अध्यक्ष हल्द्वानी येगेश शर्मा, नगर महामंत्री मनोज जायसवाल सहित कई पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।




