

30 November 2025): 30 नवंबर 2025, रविवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, फिर एकादशी शुरू हो जाएगी।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
नक्षत्र उत्तर भाद्रपद 1 दिसंबर सुबह 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र लगेगा। योग वज्र सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। करण तैतिल सुबह 10 बजकर 27 मिनट तक और गर रात 9 बजकर 29 मिनट तक रहेगा।
आज पूरे दिन पंचक रहेगा। सौभाग्य से आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग सुबह 6:56 से 1 दिसंबर सुबह 1:11 बजे तक रहेगा। यह बहुत शुभ योग है।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 56 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 24 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा दोपहर 1 बजकर 49 मिनट पर उदय होगा और 1 दिसंबर सुबह 2 बजकर 36 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 28 मिनट 10 सेकंड और रात की अवधि 13 घंटे 32 मिनट 35 सेकंड रहेगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
शुक्ल दशमी रात 9:29 बजे तक, फिर शुक्ल एकादशी। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद 1 दिसंबर सुबह 1:11 बजे तक रहेगा, फिर रेवती लग जाएगा। उत्तर भाद्रपद का पहला पाद सुबह 8 बजकर 8 मिनट तक और दूसरा पाद दोपहर 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत और अमांत दोनों में) है। प्रविष्टे/गते 15 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्रमा पूरे दिन मीन राशि में रहेगा। सूर्य वृश्चिक राशि में है और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में 1 दिसंबर सुबह 1 बजकर 11 मिनट तक रहेगा, फिर रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
ऋतु और अयन
ऋतु हेमंत (द्रिक और वैदिक दोनों) है। अयन दक्षिणायन है। ठंड अब अपने पूरे जोर पर है।
30 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:07 से 6:02 बजे तक (ध्यान-जप के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:34 से 6:56 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:49 से दोपहर 12:31 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:54 से 2:36 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:21 से 5:48 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:24 से 6:45 बजे तक
- अमृत काल: शाम 8:37 से 10:08 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:43 बजे से 1 दिसंबर सुबह 12:37 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग & रवि योग: सुबह 6:56 से 1 दिसंबर सुबह 1:11 बजे तक (हर कार्य के लिए शुभ)
30 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: शाम 4:05 से 5:24 बजे तक (नए कार्य न करें)
- यमगण्ड: दोपहर 12:10 से 1:28 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 2:47 से 4:05 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: शाम 4:00 से 4:42 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 11:30 से दोपहर 1:01 बजे तक
- पंचक: पूरे दिन (शुभ कार्य वर्जित)
- गण्ड मूल: 1 दिसंबर सुबह 1:11 से 6:56 बजे तक
- बाण: रज – सुबह 10:12 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में स्थिर 1 दिसंबर सुबह 1:11 तक, फिर वर्धमान रहेगा। तमिल योग में अमृत 1 दिसंबर सुबह 1:11 तक रहेगा, फिर सिद्ध। जीवनम में निर्जीव और नेत्रम में दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति शनि को दी जाएगी। दिशा शूल पश्चिम दिशा में है – पश्चिम की यात्रा टालें। अग्निवास रात 9:29 तक पृथ्वी में फिर आकाश में, चंद्र वास उत्तर में रहेगा। राहु वास उत्तर, शिववास रात 9:29 तक सभा में फिर क्रीड़ा में रहेगा। कुंभ चक्र पश्चिम में रहेगा।




