

घटना केहरी गांव स्थित एक भोजनालय के बाहर हुई, जहां बीबीए और बीटेक छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए. विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ओर से लाठी-डंडे और फावड़े चले. दिव्यांशु के सिर पर चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे पहले प्रेमनगर सीएचसी ले जाया गया, जहां से दून अस्पताल रेफर किया गया. रास्ते में एंबुलेंस खराब होने पर पुलिस वाहन से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने मंगलौर, हरिद्वार निवासी गौरव राणा की तहरीर पर 15 वर्तमान और पूर्व छात्रों के खिलाफ उनके भतीजे दिव्यांशु की हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. इनमें आर्यन शर्मा, शिवम शर्मा, मधुर खंडेलवाल, अंकुर, प्रह्लाद राज, शांतनु, उज्जवल, आकाश, वैभव मिश्रा, ऋतिक राजपूत, अंकुर सिंह, वैभव शर्मा, अंकित भारद्वाज, युवराज चौहान और आदित्य राज शामिल हैं. पुलिस ने ग्राम-चांदी आरा जिला-भोजपुर बिहार निवासी आरोपी युवराज चौहान, गंगापुर रोड रुद्रपुर जिला-उधमसिंहनगर उत्तराखंड निवासी मधुर खंडेलवाल समेत बिस्वा सरिया नगर गोला रोड दानापुर, पटना बिहार निवासी शिवम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. फरार शेष आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में पहले से रंजिश थी और वर्चस्व को लेकर तनाव बना हुआ था. घटना के बाद एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल व एसपी सिटी प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे. विश्वविद्यालय क्षेत्र और आसपास पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है.
माहौल खराब करने वाले जाएंगे जेल
प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के बीच मारपीट की घटना के बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने क्षेत्र में वृहद स्तर पर चेकिंग व सत्यापन अभियान चलाया. अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने हॉस्टल व पीजी में रहने वाले कॉलेज के छात्र-छात्राओं के सत्यापन की कार्रवाई की. हॉस्टल व पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं के नशे व अन्य आपराधिक गतिविधियों में लिप्त मिलने पर उनके साथ-साथ संबंधित हॉस्टल व पीजी के संचालकों व मालिकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई. इस दौरान छात्र-छात्राओं का सत्यापन न कराने वाले 8 संचालकों के चालान कर उनसे 80 हजार रुपये का जुर्माना किया गया.
75 छात्रों को पूछताछ के लिए लाए थाने
अभियान में दौरान पुलिस की ओर से मौके पर पहचान संबंधी दस्तावेज न दिखा पाने और बिना सत्यापन रह रहे 75 संदिग्ध छात्रों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, जिनसे आवश्यक पूछताछ करते हुए उनके सत्यापन की कार्रवाई की गई. साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त न रहने की सख्त हिदायत दी गई, इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले 24 व्यक्तियों के पुलिस एक्ट के अंतर्गत चालान किए गए.
प्रेमनगर क्षेत्र में पहले भी हुईं बड़ी वारदातें
त्रिपुरा के छात्र की हुई थी हत्या
नौ दिसंबर 2025 को सेलाकुई में हुई मारपीट में त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा की हत्या की घटना सामने आई थी. मणिपुर निवासी सूरज ख्वास अपने बेटे के जन्मदिन की पार्टी के लिए मित्रों के साथ आपस में मजाक मस्ती कर रहा था. इस दौरान एंजेल चकमा व उसके साथियों को यह लगा कि आरोपित उस पर कमेंट कर रहे हैं. दोनों पक्षों में इस बात को लेकर विवाद हो गया. मारपीट में एंजेल चकमा व उसके भाई माइकल चकमा को गंभीर चोटें आई व एंजेल चकमा की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई. इस मामले में नेपाल निवासी आरोपित यक्षराज की अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई. यह मामला काफी सुर्खियों में बना रहा.
भाजपा नेता की भी हत्या
इसी तरह 03 जून 2025 को प्रेमनगर स्थित मांडूवाला में भाजपा नेता रोहित नेगी की दो हमलावरों ने हत्या कर दी थी. पुलिस ने हत्यारोपितों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. रोहित का कसूर इतना था कि वह दोस्त की प्रेमिका के पूर्व प्रेमी अजहर त्यागी को सबक सिखाने जा रहा था. घटना वाली रात रोहित, उसका दोस्त व उसकी प्रेमिका पार्टी कर रहे थे कि तभी अजहर त्यागी ने युवती को मोबाइल पर धमकाना शुरू कर दिया. इसी घटनाक्रम के बीच अजहर त्यागी को सबक सिखाने के लिए रोहित अपने दोस्त के साथ कार से जा रहा था कि रास्ते में त्यागी ने कार के सामने आकर फायरिंग कर दी.
6 महीने में 57 छात्र गिरफ्तार
आपराधिक प्रवृति से जुड़े छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके बावजूद भी छात्र पढ़ाई से अधिक गुंडागर्दी में अधिक दिलचस्पी दिखा रहे हैं. पुलिस की ओर से पिछले छह माह में की गई कार्रवाई पर नजर डालें तो आपराधिक प्रवृति से जुड़े 156 छात्रो को पुलिस अब तक उनके कालेज से निष्कासित करवा चुकी है. इसके अलावा मारपीट करने वाले 57 छात्रों को गिरफ्तार भी किया गया. हुड़दंग मचाने वाले छात्रों के 628 वाहन सीज किए जा चुके हैं जिसमें विधौली से ही 205 वाहन सीज किए गए हैं. मंगलवार को हुई हत्या की वारदात के बाद पुलिस ने इलाके में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है.
छात्र हिंसा पर सवाल—क्या शैक्षणिक संस्थान भी जिम्मेदार?
प्रेमनगर क्षेत्र में छात्रों के बीच हुई खूनी झड़प और दिव्यांशु की मौत ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर कॉलेज और उससे जुड़े हॉस्टल-पीजी प्रबंधन क्या कर रहे थे, जब छात्रों के बीच पहले से रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी? क्या संस्थान को इस तनाव की भनक नहीं थी, या फिर इसे नजरअंदाज किया गया?
यदि परिसर के छात्र खुलेआम लाठी-डंडे और हथियार लेकर घूम रहे थे, तो यह केवल छात्रों की नहीं बल्कि संस्थागत लापरवाही भी दर्शाता है। ऐसे में संबंधित कॉलेज प्रबंधन, हॉस्टल संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों पर भी आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। शिक्षा के मंदिर अगर अपराध की प्रयोगशाला बनते जा रहे हैं, तो जिम्मेदारी तय करना अनिवार्य है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




