

रुद्रपुर/उत्तराखंड हिंदू समाज की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यरत बजरंग दल आज देशभर में अपनी संगठित और सक्रिय भूमिका के कारण चर्चा में है। ‘सेवा, सुरक्षा और संस्कृति’ के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रहा यह संगठन युवा सशक्तिकरण से लेकर सामाजिक सेवा तक विभिन्न क्षेत्रों में लगातार सक्रिय है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
बजरंग दल द्वारा देशभर में लगभग 2,500 से अधिक अखाड़ों का संचालन किया जा रहा है, जहां युवाओं को शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुशासन, आत्मरक्षा और राष्ट्र-धर्म के प्रति कर्तव्यबोध की शिक्षा दी जाती है। संगठन का मानना है कि सशक्त और संस्कारवान युवा ही समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव होते हैं।
गोवंश संरक्षण के क्षेत्र में भी बजरंग दल की सक्रिय भूमिका रही है। संगठन गोहत्या के खिलाफ आवाज उठाने के साथ-साथ अवैध तस्करी रोकने और गोशालाओं के संरक्षण के लिए अभियान चलाता रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश को आजीविका और संस्कृति से जोड़ने पर भी जोर दिया जाता है।
सामाजिक सरोकारों की बात करें तो बजरंग दल समय-समय पर वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, रक्तदान शिविर और आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में भागीदारी करता रहा है। बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं के दौरान संगठन के स्वयंसेवकों ने राहत व सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
शिक्षा के क्षेत्र में, संगठन से जुड़े विभिन्न सेवा संगठनों के माध्यम से देशभर में 50,000 से अधिक एकल विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और संस्कार प्रदान करना है। इसके साथ ही संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए वेद पाठशालाएं भी चलाई जा रही हैं।
धर्मांतरण और तथाकथित ‘लव जिहाद’ के मामलों पर बजरंग दल समाज में जागरूकता फैलाने का दावा करता है और इसे सामाजिक संतुलन से जुड़ा विषय बताता है।
सोशल मीडिया पर भी बजरंग दल की मौजूदगी लगातार बढ़ी है, जहां संगठन से जुड़े युवा सांस्कृतिक, राष्ट्रवादी और सामाजिक विषयों पर सक्रिय रूप से अपनी बात रखते दिखाई देते हैं। समर्थकों का कहना है कि बजरंग दल आज भी हिंदुत्व विचारधारा का एक प्रमुख और प्रभावी चेहरा बना हुआ है।




