देहरादून: मसूरी रोड स्थित आरकेडिया हिलाक्स सोसाइटी में फ्लैट निर्माण के नाम पर निवेशकों और बैंकों के करोड़ों रुपये ठगकर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग व उसकी पत्नी पर पुलिस जल्द इनाम घोषित कर सकती है।

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पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक उसका कहीं पता नहीं लग पाया है। ऐसे में पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के लिए भी आवेदन कर दिया है। कोर्ट से वारंट जारी करते ही उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम घोषित किया जाएगा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप की ओर से जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच दल (एसआइटी) की जांच में सामने आया है कि शाश्वत गर्ग के विदेश में कनेक्शन है और उसने कई ट्रांजेक्शन विदेश में कुछ लोगों के खातों में किए हैं।

इसके अलावा एसआइटी बिल्डर के ट्रांजेक्शन का पूरा डाटा निकाला जा रहा है, इससे पता चल सके कि शाश्वत गर्ग के संपर्क में कौन-कौन लोग थे। इसके अलावा शाश्वत गर्ग ने किस-किससे रकम अपने खातों में ट्रांजेक्शन की है, उसकी भी पूरी जांच एसआइटी कर रही है।

इसके अलावा एसआइटी शाश्वत व उसके पारिवारिक सदस्यों की संपति की जांच में भी जुटी हुई है। देहरादून में रहते हुए उसने कहां-कहां रकम निवेश की और गाजियाबाद में उसकी कितनी संपति है, इसका पूरा ब्यौरा तैयार कर आने वाले समय में उसे सील किया जाएगा।

शाश्वत गर्ग व उसकी पत्नी के पासपोर्ट पूर्व में भी निरस्त किए जा चुके हैं और उसके विरुद्ध लुक आउट नोटिस भी जारी किया जा चुका है। बिल्डर के पत्नी संग नेपाल फरार होने के साक्ष्य मिले हैं, ऐसे में जल्द एक टीम को नेपाल भी भेजा जा सकता है। इससे पहले एसआइटी दस्तावेज जुटाने में लगी हुई है।

निवेशकों के साथ-साथ स्टाफ की रकम भी हड़पी

शातिर बिल्डर शाश्वत गर्ग ने निवेशकों को करोड़ों रुपये का चूना तो लगाया ही साथ ही वह अपने निजी कर्मचारियों के रकम लेकर फरार हो गया। इस मामले में कर्मचारियों ने राजपुर थाने में शाश्वत गर्ग के विरुद्ध तहरीर दी है।

कर्मचारी सागर राज, विनीत तोमर, आर्यन थापा व अफजल खान ने तहरीर दी है कि वह गोल्डन एरा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड में काम करते थे। कंपनी का मालिक शाश्वत गर्ग है जोकि वर्तमान में फरार है।

बिल्डर ने उनका वेतन भी नहीं दिया व अन्य भुगतान भी नहीं किए। आरोपित कर्मचारियों को करीब 17 लाख रुपये का चूना लगाकर फरार हो गया।

निवेशकों से ठगी कर फरार हुए बिल्डर शाश्वत गर्ग व उनकी पत्नी की फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन खंगाली गई तो पता चला कि उन्होंने विदेश में भी ट्रांजेक्शन की है। गंभीर प्रकरण होने के चलते एसआइटी जांच में जुटी हुई है। बिल्डर ने किससे कितनी रकम ली है, इसकी जांच करवाई जा रही है। उसके ठिकानों पर दबिश जारी है और उसे भगोड़ा घोषित कर इनाम घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
– राजीव स्वरूप, पुलिस महानिरीक्षक, गढ़वाल परिक्षेत्र


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