भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि 1960 के दशक में चीन पर नजर रखने के लिए अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से हिमालय की नंदा देवी चोटी पर परमाणु जासूसी उपकरण लगाने की अनुमति मिली थी।

Spread the love

उन्होंने दावा किया कि सभी उपकरण वहीं छोड़कर अमेरिकी भाग गए। आज गंगा किनारे रहने वाले लोगों को उत्तराखंड से लेकर बंगाल तक कैंसर की बीमारी बढ़ने का यही कारण तो नहीं है? हिमालयन क्षेत्रों में ग्लेशियर का पिघलना, बादल फटना, मकानों में दरार आना क्या यही वजह है? लोकसभा में 1978 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई जी ने यह स्वीकार किया था।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दुबे ने कहा कि यह गुप्त ऑपरेशन अलग-अलग चरणों में हुआ। उनके मुताबिक, 1964 में नेहरू के कार्यकाल में और फिर 1967 व 1969 में इंदिरा गांधी के समय यह गतिविधियां हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में अमेरिकी एजेंट वहां से चले गए और खतरनाक परमाणु सामग्री पहाड़ पर ही छोड़ दी गई, जो पर्यावरण के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र है।

उत्तराखंड से बंगाल में कैंसर की बीमारी बढ़ी

निशिकांत दुबे ने अपनी पोस्ट में लिखा कि क्या यही वजह है कि उत्तराखंड से लेकर बंगाल तक गंगा के किनारे रहने वाले लोगों में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं? क्या यही कारण है कि हिमालयी ग्लेशियर पिघल रहे हैं, बादल फटने की घटनाएं बढ़ रही हैं और घरों में दरारें आ रही हैं? उन्होंने यह भी कहा कि 1978 में लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने इस मुद्दे को स्वीकार किया था। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे अमेरिकी अखबार में भी यह मामला प्रमुखता से छपा है।


Spread the love