

ऊधमसिंह नगर की राजनीति में 12 दिसम्बर 2025 का दिन भारतीय जनता पार्टी के लिए एक निर्णायक पड़ाव की तरह दर्ज किया जाएगा। जिला अध्यक्ष कमल कुमार जिंदल द्वारा घोषित मोर्चा अध्यक्षों की नई टीम न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संकेत देती है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में बीजेपी जिले को किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ाने की रणनीति बना रही है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट की सहमति और सभी मोर्चा प्रभारियों से गहन परामर्श के बाद जारी यह सूची बताती है कि पार्टी अब अपने संगठनात्मक ढांचे को ज़मीन-स्तर पर और अधिक सक्रिय, तेज़ एवं चुनाव-उन्मुख बनाना चाहती है।
युवा मोर्चा: विपिन गहलोत पर बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी की पहचान ही युवा शक्ति को केंद्र में रखकर चलने की रही है। ऐसे में विपिन गहलोत को युवा मोर्चे का अध्यक्ष बनाना यह संकेत देता है कि पार्टी 2026 के मिशन के लिए एक मजबूत कैडर तैयार करना चाहती है।
गहलोत की छवि युवा कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय है—अब उन्हें इसे बूथ स्तर तक ऊर्जा में बदलने की चुनौती होगी।
महिला मोर्चा: विनीता सक्सैना का उभार
महिला मोर्चा की कमान विनीता सक्सैना को सौंपना एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय माना जा रहा है।
उत्तराखण्ड की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है—ऐसे में विनीता सक्सैना का संगठनात्मक अनुभव और सौम्य नेतृत्व शैली पार्टी को लाभ पहुंचा सकती है।
किसान मोर्चा: राजेश बजाज की नियुक्ति
किसान मोर्चा अध्यक्ष के रूप में राजेश बजाज की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब तराई क्षेत्र के किसान कई मुद्दों को लेकर सरकार और पार्टी से संवाद की उम्मीद कर रहे हैं।
बजाज पर किसानों की नब्ज पहचानते हुए, संगठन को गांव-देहात तक मजबूत करने की चुनौती होगी।
जिलाध्यक्ष कमल कुमार जिंदल को सुदृढ़ संगठनात्मक नेतृत्व के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। मोर्चा अध्यक्षों की नई टीम उनकी दूरदर्शिता, संतुलित राजनीतिक समझ और मजबूत संगठन निर्माण की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आशा है कि उनके मार्गदर्शन में भाजपा ऊधमसिंह नगर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा, नगर निगम महापौर विकास शर्मा,
OBC मोर्चा: रवि रस्तोगी पर भरोसा
ओबीसी वर्ग हमेशा से बीजेपी का मजबूत सामाजिक आधार रहा है।
रवि रस्तोगी की नियुक्ति इस वर्ग में राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों को संतुलित करने का प्रयास भी है।
रस्तोगी के सामने राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के साथ-साथ संगठन विस्तार की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
SC व ST मोर्चा: सामाजिक प्रतिनिधित्व का संतुलन
अनुसूचित जाति मोर्चा में राजेश कोली और अनुसूचित जनजाति मोर्चा में पुष्पेन्द्र राणा की नियुक्ति स्पष्ट करती है कि बीजेपी 2025-26 के चुनावी चक्र में सामाजिक प्रतिनिधित्व को शीर्ष प्राथमिकता दे रही है।
दोनों ही नेता अपने-अपने वर्ग में जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं।
अल्पसंख्यक मोर्चा: हारून मलिक—सॉफ्ट पावर की राजनीति
सबसे उल्लेखनीय नियुक्ति अल्पसंख्यक मोर्चे में हारून मलिक की है।
यह कदम भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है जिसके तहत पार्टी अल्पसंख्यक समुदाय में सॉफ्ट कॉन्टैक्ट बढ़ाकर विपक्ष के उस नैरेटिव को चुनौती देना चाहती है कि मुस्लिम वर्ग भाजपा से दूरी बनाकर रखता है।
हारून मलिक को इस क्षेत्र में विश्वसनीय संवाद तैयार करने और विश्वास पैदा करने की बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी।
राजनीतिक संकेत: 2026 की तैयारी शुरू
कमल कुमार जिंदल की पूरी टीम को देखकर साफ दिखता है कि—
- सामाजिक समीकरणों का संतुलन
- जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार
- युवा व महिला शक्ति पर फोकस
- किसान व अल्पसंख्यक मोर्चों को मजबूत संदेश
ये सभी भाजपा की अगली बड़ी रणनीति के अहम बिंदु हैं।
यह बदलाव सिर्फ नामों की घोषणा नहीं है—यह 2026 के लिए ढांचा तैयार करने की शुरुआत है।
ऊधमसिंह नगर बीजेपी की यह नई टीम उस समय में सामने आई है जब जनता के मुद्दे, स्थानीय समीकरण और राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अपने निर्णायक मोड़ पर हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह नई टीम:
- ज़मीनी कार्यकर्ताओं को कितना जोड़ पाती है,
- संगठन को बूथ स्तर तक कितना सक्रिय कर पाती है,
- और आगामी चुनावों में कितनी मजबूती के साथ भाजपा को लाभ पहुंचाती है।
फिलहाल इतना तय है—
कमल कुमार जिंदल ने 2025 के अंत में संगठन को नई ऊर्जा देने का काम कर दिया है, अब 2026 BJP की रणनीति का साल होगा।




