

उत्तराखंड।उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर आंदोलन एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) के प्रदेश मुख्य संयोजक जयदीप रावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से शिष्टाचार भेंट कर OPS बहाली के संबंध में विस्तृत चर्चा की और ज्ञापन सौंपा।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित बनाती है, जबकि पुरानी पेंशन योजना एक स्थायी और भरोसेमंद सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने OPS को पुनः लागू करने की मांग को कर्मचारियों के हित में आवश्यक बताया।
इस दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और स्वीकार किया कि OPS कार्मिकों के लिए एक सुरक्षित और उचित व्यवस्था हो सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय को उचित स्तर पर विचार हेतु अग्रेषित किया जाएगा।
बैठक में जिलाधिकारी गढ़वाल एस. स्वाति भदौरिया ने भी NPS और प्रस्तावित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की व्यावहारिक कमियों को रेखांकित किया। उन्होंने NOPRUF द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों और कर्मचारियों की आवाज उठाने की पहल की सराहना की।
इस अवसर पर NOPRUF के जनपद अध्यक्ष भवान सिंह नेगी और दीपक नेगी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड सहित देश के कई राज्यों में कर्मचारी संगठन OPS बहाली की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।




