

रूद्रपुर।लोकपर्व उत्तरायणी केवल गीत-नृत्य और परंपराओं का उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का अवसर भी है—इस तथ्य को इस वर्ष शैल सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित उत्तरायणी महोत्सव ने पूरी गंभीरता से सिद्ध किया। गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में आयोजित दो दिवसीय महोत्सव में चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं वसुंधरा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज द्वारा लगाया गया निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर इस आयोजन का सबसे मानवीय और प्रेरक पक्ष बनकर सामने आया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
‘नर सेवा नारायण सेवा’ के मूल भाव को आत्मसात करते हुए कॉलेज के प्रबंध निदेशक डॉ. के.सी. चंदौला के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में 500 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराकर स्वास्थ्य परीक्षण और विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त किया। शिविर में रक्त जांच, ब्लड प्रेशर परीक्षण, गंभीर रोगों की सूक्ष्म जांच के साथ-साथ आधुनिक फिजियोथैरेपी सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष राहत मिली।
शैल सांस्कृतिक समिति के पदाधिकारियों ने मंच से डॉ. के.सी. चंदौला के समाजोपयोगी योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. चंदौला ने कहा कि उत्तरायणी जैसा पावन पर्व हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के साथ-साथ सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनकी संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है और ऐसे शिविर जनजागरूकता के साथ-साथ ईश्वर की सच्ची आराधना का माध्यम भी हैं।
स्वास्थ्य सेवा के इस पुनीत कार्य में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय विश्वकर्मा, सागर तिवारी, डॉ. देवेन्द्र कुमार, डॉ. रश्मि नेगी, डॉ. आलिया सिददीकी, डॉ. मनीषा बैरागी, डॉ. नरेन्द्र कोहली, डॉ. गजेंद्र सिंह राणा, डॉ. रोहन सिराडी, डॉ. नितिश सागर, डॉ. महिमा चौधरी, डॉ. सीमा गंगवार, डॉ. शिवानी बाजपेई, डॉ. रितिका सक्सेना, डॉ. दिव्या सैनी, शिफा, आयशा कोली और अजय ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में शैल सांस्कृतिक समिति व समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें डी.एस. बिष्ट, कमलेंद्र सेमवाल, सुरेश परिहार, भरत लाल शाह, गोपाल सिंह पटवाल, हेमंत बिष्ट, एडवोकेट दिवाकर पांडे, उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी, मोहन उपाध्याय, कोषाध्यक्ष डी.के. दनाई, पी.सी. शर्मा, राजेंद्र बोहरा, दिनेश बम, भास्कर जोशी, जगदीश बिष्ट, दिनेश भट्ट, दान सिंह मेहरा, मुकुल उप्रेती, डॉ. एल.एम. उप्रेती, सतीश लोहनी, अवतार सिंह बिष्ट, डॉ. नंदाबल्लभ पाठक, लीलाम्बर जोशी, विजय भूषण गर्ग, पूरन चंद्र जोशी, संजीव बुधौरी, हरीश दनाई, नरेंद्र रावत, सी.बी. घिंडियाल, एल.डी. जोशी, राजेंद्र बलौदी, प्रकाश जोशी, महेश कांडपाल, डी.एस. मेहरा, त्रिभुवन जोशी, हरीश मिश्रा, के.के. मिश्रा, दयाकिसन बुढ़लाकोटी, त्रिलोचन पनेरू, डी.डी. गुणवन्त, धीरज पांडे और भारत जोशी प्रमुख रूप से शामिल थे।
उत्तरायणी महोत्सव-2026 ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब संस्कृति के मंच से सेवा का स्वर उठता है, तभी लोकपर्व अपनी वास्तविक सार्थकता प्राप्त करता है। चंदौला मेडिकल कॉलेज का यह प्रयास न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि अन्य संस्थाओं के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है।




