

चैत्र नवरात्रि के दौरान पड़ने वाली इस विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
साथ ही आज 22 मार्च 2026 को चतुर्थी पर रवि योग का संयोग भी बन रहा है. लेकिन भद्रा का अशुभ साया भी रहेगा, जिसमें पूजा-पाठ समेत कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. इसके अलावा विनायक चतुर्थी पर चंद्रमा को देखना भी वर्जित होता है. धार्मिक मान्यता है कि विनायक चतुर्थी के दिन चंद्रमा का दर्शन करने से झूठा कलंक लगने की आशंका रहती है.
चैत्र चतुर्थी पर पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल चतुर्थी तिथि 21 मार्च शनिवार को रात में 11 बजकर 56 मिनट से 22 मार्च को रात 9 बजकर 16 मिनट तक है. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर चैत्र विनायक चतुर्थी का व्रत 22 मार्च रविवार को रखा जाएगा.
वहीं मार्च महीने में पड़ रही चैत्र विनायक चतुर्थी पर पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त 22 मार्च 2026 की सुबह 11 बजकर 15 मिनट से दोपहर 1 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. वहीं सुबह 9 बजकर 26 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक पूजा की सकेगी. पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:04 बजे से 12:53 बजे तक है.
चतुर्थी पर बना रवि योग का संयोग
इस बार चैत्र विनायक चतुर्थी पर रवि योग बन रहा है. रवि योग सुबह में 06 बजकर 23 मिनट से शुरू होकर रात में 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा. यानी कि पूरे दिन रवि योग का संयोग रहेगा. मान्यता है कि रवि योग में सूर्य का प्रभाव अधिक रहता है, जिससे सारे दोष मिट जाते हैं. इसके अलावा आज वैधृति योग, विष्कम्भ योग और भरणी नक्षत्र व कृत्तिका नक्षत्र रहेगा.
आज चतुर्थी पर भद्रा काल
आज विनायक चतुर्थी पर भद्रा काल का साया भी रहने वाला है, जो कि करीब 11 घंटे रहेगी. 22 मार्च 2026 को भद्रा सुबह 10:36 बजे से शुरू होगी और रात 09:16 बजे समाप्त होगी. लेकिन इस भद्रा का वास स्वर्ग लोक में है, इसलिए इसका दुष्प्रभाव धरती पर नहीं होगा. ऐसे में बिना किसी विघ्न-बाधा के शुभ कार्य किए जा सकते हैं. वहीं विनायक चतुर्थी पर चन्द्रोदय सुबह में 08:15 बजे होगा और चन्द्रास्त रात में 10:15 बजे होगा. ध्यान रखें कि आज चांद ना देखें.
(Disclaimer – प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) इसकी पुष्टि नहीं करता है.)✧ धार्मिक और अध्यात्मिक




