

पौड़ी।हिमालय क्रांति पार्टी के तृतीय स्थापना दिवस के अवसर पर पौड़ी जनपद में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ताओं ने खुलकर अपनी राजनीतिक दावेदारी पेश की। इस अवसर पर संगठन के प्रति निष्ठा, क्षेत्रीय मुद्दों और पलायन जैसे गंभीर विषयों पर मजबूती से संघर्ष करने का संकल्प दोहराया गया।
कार्यक्रम में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के पौड़ी जिला उपाध्यक्ष रवींद्र प्रसाद जुयाल (रवि बोडा) ने अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत की। वहीं पौड़ी विधानसभा से जिला सचिव मनमोहन सिंह (मनु भाई) ने पार्टी हाईकमान के समक्ष अपनी दावेदारी रखी। चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र से पार्टी के पौड़ी जिला अध्यक्ष दिनेश सिंह रावत (बिट्टू भाई) तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अर्जुन सिंह भारतीय ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जताई।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
इसी क्रम में लैंसडाउन विधानसभा से पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष लाल सिंह बिष्ट (लाल सर), कोटद्वार विधानसभा से पूर्व प्रधान एवं जिला उपाध्यक्ष पौड़ी रेखा बलूनी, तथा यमकेश्वर विधानसभा से सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता एवं पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष सतेंद्र सिंह रावत ने क्रमशः अपनी-अपनी दावेदारियां पेश कीं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार सभी संभावित प्रत्याशी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं और स्थानीय जनता के बीच सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्थापना दिवस के मंच से हिमालय क्रांति पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी चुनावों में केवल उसी कार्यकर्ता या व्यक्ति को प्रत्याशी बनाया जाएगा जो संबंधित क्षेत्र का स्थायी निवासी हो और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहा हो।
पार्टी नेतृत्व ने एक अहम निर्णय लेते हुए कहा कि प्रत्याशी बनने वाले व्यक्ति से चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र से पलायन न करने का शपथ पत्र लिया जाएगा। पार्टी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में ऐसे प्रत्याशी को भविष्य में किसी भी पद या जिम्मेदारी के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा। इसे पार्टी की वैचारिक प्रतिबद्धता और जनता के प्रति जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि हिमालय क्रांति पार्टी मैदान हो या घाटी, हर परिस्थिति में पहाड़, जनहित और उत्तराखंड के मूल सवालों के लिए संघर्ष करती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में नारा दिया—
“मैदान हो या घाटी, हिमालय क्रांति पार्टी”
और विश्वास जताया—
“हम लड़ेंगे और जीतेंगे भी।”
स्थापना दिवस का यह आयोजन संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आने वाले राजनीतिक संघर्षों के लिए पार्टी की रणनीतिक तैयारी का संकेत भी माना जा रहा है।




