

रुद्रपुर। नगर निगम की कार्यशैली और शहर की बुनियादी समस्याओं पर लंबे समय से उठते सवालों के बीच आखिरकार रुद्रपुर के पार्षदों ने अपनी अलग आवाज बुलंद करने का रास्ता खोज लिया है। बुधवार को सिटी क्लब में बुलाए गए एक अहम बैठक ने नगर राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया, जब सभी पार्षदों ने मिलकर “नगर निगम रुद्रपुर पार्षद संघ” के गठन का ऐतिहासिक फैसला लिया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
बैठक में उपस्थित पार्षदों ने माना कि जनता की उम्मीदों और निगम की चुनौतियों के बीच सेतु बनने के लिए एकजुट मंच की कमी खल रही थी। यही कारण है कि वार्ड 38 के पार्षद राजेश कुमार जग्गा को सर्वसम्मति से संघ का अध्यक्ष चुनकर पार्षदों ने संदेश दिया कि अब उनकी प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ जनता का हित होगा।
सभी पार्षदों ने स्पष्ट किया कि यह संघ केवल एक संगठनात्मक ढांचा नहीं होगा, बल्कि शहर की सड़कों, स्वच्छता, जल आपूर्ति, यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करेगा। साथ ही निगम की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए दबाव समूह की तरह काम करेगा।
बैठक में पार्षदों की उपस्थिति अपने आप में यह साबित करती रही कि यह कोई औपचारिकता भर नहीं थी, बल्कि एक सामूहिक संकल्प का नजारा था। पार्षद राजेन्द्र राठौर, शिव कुमार, सौरभ, सुनील कुमार, पवन राणा, गिरीश पाल, वीनू, विष्णु, राधेश शर्मा, चन्द्रसेन कोली, गोविंद राय, संतोष गुप्ता, दर्शन कोली, नुरूद्दीन, एमपी मौर्य, महेन्द्री शर्मा, नीतू, मुकेश रस्तौगी, शालू पाल, निमित शर्मा, पूजा मुंजाल, कैलाश राठौर और सुशील चौहान समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि रुद्रपुर में पार्षदों का यह साझा मंच न केवल जनता की आवाज को धार देगा, बल्कि नगर निगम की राजनीति में शक्ति संतुलन की नई तस्वीर भी पेश करेगा।




