क्राइम स्टोरी:राजपुर की सुबह बनी मौत की दास्तान: रिटायर्ड ब्रिगेडियर की जान ले गई ‘रोडरेज गैंगवार’

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देहरादून का शांत और सुकून भरा राजपुर इलाका सोमवार सुबह गोलियों की आवाज से दहल उठा। जो सुबह आमतौर पर सैर, ताजी हवा और शांति के लिए जानी जाती है, वही सुबह खून से लाल हो गई। इस सनसनीखेज वारदात में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


सुबह की सैर, अचानक गोलियों की बौछार
30 मार्च की सुबह करीब 6:50 बजे, ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने साथियों के साथ रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह होगी।
जोहड़ी गांव के पास अचानक दो गाड़ियों में सवार युवकों के बीच रोडरेज शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 8 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से एक गोली सीधे ब्रिगेडियर जोशी को जा लगी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक रात पुराना था विवाद, सुबह बना कत्ल का कारण
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, उसने इस मामले को और भी चौंकाने वाला बना दिया।
जांच में सामने आया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक दिन पुरानी दुश्मनी का खूनी अंजाम था।
राजपुर रोड स्थित जेनजी क्लब में रात को बिल के पैसे को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। क्लब के मालिक, मैनेजर और कुछ लोगों ने एक पक्ष के साथ मारपीट की थी। अपमान और गुस्से से भरे दूसरे पक्ष ने बदला लेने की ठान ली।
सुबह तक इंतजार किया गया… और जैसे ही क्लब बंद कर लोग निकले, उन्हें रास्ते में घेर लिया गया।
यहीं से शुरू हुआ वो खूनी खेल, जिसमें एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई।
फॉर्च्यूनर से स्कॉर्पियो तक—गाड़ियों में सवार थे हमलावर
घटना में शामिल दोनों पक्ष अलग-अलग गाड़ियों में सवार थे—एक फॉर्च्यूनर और दूसरी स्कॉर्पियो।
पहले पूछताछ में फॉर्च्यूनर सवारों की कहानी संदिग्ध लगी, जिसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पूरा घटनाक्रम सामने आ गया।
गिरफ्तारियां शुरू, कई अब भी फरार
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के अनुसार:
अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है
जेनजी क्लब के मालिक संदीप समेत अन्य लोग हिरासत में हैं
दूसरे पक्ष से आदित्य चौधरी भी पकड़ा गया है
उसके 3 साथी अभी फरार हैं
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर:
2 तमंचे
कारतूस
स्कॉर्पियो वाहन
बरामद कर लिया है।
फायरिंग के बाद आरोपियों ने हथियार झाड़ियों में फेंक दिए थे और मौके से फरार हो गए थे।
क्लब सील, लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए:
जेनजी क्लब को सील कर दिया गया
लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया
पुलिस की लापरवाही भी आई सामने
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।
कुठालगेट चौकी प्रभारी की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि:
क्लब देर रात तक चल रहा था
तेज डीजे और भीड़ के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी
देर रात चला चेकिंग अभियान, लेकिन सवाल बरकरार
घटना के बाद पुलिस ने राजपुर रोड के बार और पब में चेकिंग अभियान चलाया। कुछ जगहों पर चालान भी किए गए, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ घटना के बाद की खानापूर्ति है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि:
कई बार-पब देर रात तक नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं
तेज आवाज में डीजे बजता है
शराब और विवाद आम बात हो चुकी है
एक निर्दोष की मौत, कई सवाल
इस पूरी घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या देहरादून जैसे शांत शहर में अपराधियों का हौसला इतना बढ़ गया है?
क्या देर रात चलने वाले बार-पब अपराध की जड़ बन रहे हैं?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या एक निर्दोष की जान जाने के बाद ही सिस्टम जागेगा?

राजपुर की यह घटना सिर्फ एक रोडरेज नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, सामाजिक गिरावट और प्रशासनिक लापरवाही का संगम है।
ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की मौत एक चेतावनी है—
अगर समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो अगली सुबह किसी और के लिए आखिरी साबित हो सकती है।


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