

देहरादून/रुद्रपुर। गिरफ्तारी का भय दिखाकर ऋषिकेश के बुजुर्ग दंपती को दो माह तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखकर 69 लाख रुपये की ठगी करने वाले बरेली निवासी साइबर ठग को एसटीएफ ने रुद्रपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
पीड़ित भगवत नारायण झा (81) और उनकी पत्नी कमल झा (74), निवासी गंगा रेजीडेंसी, गंगानगर ऋषिकेश, ने बताया कि 17 नवंबर 2025 को उन्हें अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED), साइबर क्राइम सेल और सर्वोच्च न्यायालय का अधिकारी बताकर धमकाया कि उनका आधार नंबर 10 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में इस्तेमाल हुआ है।
ठगों ने गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की और जेल भेजने की धमकी देकर दंपती को मानसिक दबाव में ले लिया। इसके बाद करीब 60 दिनों तक उन्हें व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए लगातार निगरानी में रखा गया। दंपती को किसी से बात न करने, लाइव लोकेशन साझा करने और हर निर्देश का पालन करने के लिए मजबूर किया गया।
डर और तनाव के चलते बुजुर्ग दंपती से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई गई। इतना ही नहीं, ठगों ने उन्हें अपनी एकमात्र जमीन और संपत्ति बेचने तक के लिए मजबूर कर दिया। इस पूरी साजिश में पीड़ितों को कुल 69 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया कि आरोपी भगवत सरन ने फर्जी जमानत पत्र और फीस रसीद बनाकर लालकुआं स्थित एक्सिस बैंक में “रुद्रा टेलीकॉम” के नाम से खाता खुलवाया था। इस खाते की जानकारी अन्य साइबर अपराधियों के साथ साझा की गई, जिसमें लाखों रुपये का लेनदेन हुआ। इस खाते के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर 30 शिकायतें दर्ज हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार, पीड़ितों से ठगे गए 6 लाख रुपये इसी खाते में ट्रांसफर हुए थे। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के निरीक्षक अनिल कुमार और उनकी टीम ने आरोपी को रुद्रपुर से गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।




