

उत्तराखंड में “नशामुक्त और अपराधमुक्त देवभूमि” के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में पुष्कर सिंह धामी की सरकार के तहत ऊधमसिंहनगर पुलिस ने जिस आक्रामक तेवर के साथ कार्रवाई की है, उसने कानून व्यवस्था को लेकर एक सख्त संदेश दिया है। इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे अजय गणपति के नेतृत्व में जनपद पुलिस ने बीते एक वर्ष में अपराधियों के खिलाफ लगातार निर्णायक प्रहार किए हैं, जिससे अपराध जगत में खलबली मची हुई है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
रुद्रपुर स्थित Radisson Blu Hotel Rudrapur में हुई महिला कारोबारी की संदिग्ध मौत ने पूरे उत्तराखंड के साथ-साथ दिल्ली तक को झकझोर दिया है। यह मामला जितना संवेदनशील है, उतना ही रहस्यमय भी बनता जा रहा है। पुलिस की सक्रियता और तेजी से चल रही जांच के बीच यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि इस हाई-प्रोफाइल केस का खुलासा जल्द ही बड़े खुलासों के साथ सामने आ सकता है। होटल में हुई इस घटना ने यह भी दिखाया कि आधुनिक और सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों पर भी अपराध किस तरह से चुनौती बन सकते हैं।
इसी बीच जनपद पुलिस ने मुठभेड़ में एक शातिर और वांछित अपराधी को गिरफ्तार कर यह साबित किया कि अपराधियों के लिए अब कोई जगह सुरक्षित नहीं है। पुलिस टीम पर फायरिंग कर भाग रहे आरोपी को जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने के बाद दबोच लिया गया। उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की गई। यह वही अपराधी था जो एनडीपीएस एक्ट में वांछित था और नशे के नेटवर्क से गहराई से जुड़ा हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि वह अपने नाबालिग बच्चों तक को इस काले कारोबार में झोंक चुका था, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
काशीपुर में हत्या के प्रयास के मामले में भी पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त तलवार बरामद की। वहीं गदरपुर क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, साथ ही घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर और कारतूस भी बरामद किए। इस पूरी कार्रवाई में सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की भूमिका अहम रही, जो आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में एक मजबूत संकेत है।
देहरादून के राजपुर क्षेत्र में हुई फायरिंग और हत्या की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया। जांच में सामने आया कि यह रोड रेज का मामला नहीं बल्कि बार में बिल को लेकर हुए विवाद का परिणाम था। अगले दिन दोनों पक्षों के बीच हुई फायरिंग में एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, जिससे पूरे घटनाक्रम ने एक दुखद मोड़ ले लिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त हथियार व वाहन भी बरामद किए। इस मामले में प्रमेन्द्र डोबाल के नेतृत्व में हुई कार्रवाई को भी सराहा जा रहा है।
उधर, हनी ट्रैप गैंग का भंडाफोड़ कर ट्रांजिट कैंप पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की। लाखों रुपये की फिरौती मांगने वाले शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से वसूली गई रकम बरामद की गई। यह मामला यह दर्शाता है कि अपराध अब नए-नए रूप ले रहे हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस को भी उतनी ही तेजी से रणनीति बदलनी पड़ रही है।
आईटीआई क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते हुई फायरिंग की घटना में भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद किए। वहीं नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया कि संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस पूरे परिदृश्य के बीच डॉ. वी. मुरुगेशन द्वारा हल्द्वानी में आयोजित समीक्षा बैठक ने पुलिस तंत्र को और अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैठक में महिला अपराध, नशा तस्करी और गुमशुदगी जैसे मामलों को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी तय किया गया कि केवल छोटे अपराधियों तक सीमित रहकर कार्रवाई करने के बजाय बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए और उनकी अवैध संपत्तियों पर भी प्रहार किया जाए।
कुमाऊं परिक्षेत्र में आयोजित गोष्ठी में रिद्धिम अग्रवाल ने भी प्रभावी पुलिसिंग, संवेदनशील व्यवहार और जनविश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता के साथ संवाद और विश्वास भी उतना ही जरूरी है।
ऊधमसिंहनगर पुलिस की लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। चाहे वह नशा तस्करी हो, हत्या, हनी ट्रैप, दुष्कर्म या फिर संगठित अपराध—हर मोर्चे पर पुलिस सक्रिय और आक्रामक नजर आ रही है।
रुद्रपुर के रेडिसन ब्लू होटल में हुई महिला की संदिग्ध मौत का मामला अभी भी जांच के केंद्र में है और पूरे राज्य की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। जिस तेजी से पुलिस अन्य मामलों में खुलासे कर रही है, उससे यह उम्मीद और मजबूत हो गई है कि इस हाई-प्रोफाइल केस का भी जल्द ही पर्दाफाश होगा। उत्तराखंड में अपराध के खिलाफ यह मुहिम अब सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक व्यापक संदेश बन चुकी है कि देवभूमि की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)। शहर के पॉश इलाके में स्थित Radisson Blu Hotel में दिल्ली की 40 वर्षीय महिला कारोबारी ज्योति शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतका के साथ आए उसके बिजनेस पार्टनर अमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ज्योति अपने साथी के साथ कैंची धाम दर्शन के लिए आई थी और देर रात होटल में ठहरी थी। बुधवार दोपहर अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मृतका के परिजनों ने अमित पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोनों के बीच 38 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद था। पुलिस जांच में कमरे से छह खाली बीयर बोतलें भी मिली हैं, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।
फिलहाल पुलिस हत्या, आत्महत्या और अन्य कारणों से मौत की सभी संभावनाओं पर जांच कर रही है। मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।




