

रुद्रपुर। माता-पिता से बिछुड़े दस माह के मासूम को महापौर विकास शर्मा की त्वरित पहल से सुरक्षित रूप से उसके परिजनों से मिलाया गया। कई घंटों की बेचैनी और चिंता के बाद जब मासूम सकुशल मिला तो परिजनों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक उठी। परिजनों ने महापौर की संवेदनशीलता और तत्परता की खुले दिल से सराहना की।
लालपुर निवासी रोहित रस्तौगी अपनी पत्नी रूपा कुमारी और दस माह के पुत्र मन्नू के साथ शुक्रवार को रोडवेज बस से मुरादाबाद जाने पहुंचे थे। बस के चलने में समय होने पर दंपत्ति शौचालय गए और पास बैठी एक कॉलेज छात्रा सिमरन से कुछ देर बच्चे की देखरेख करने का आग्रह किया। इसी दौरान बस अचानक चल पड़ी और मासूम मन्नू छात्रा की गोद में ही रह गया, जबकि उसके माता-पिता बस स्टेशन पर छूट गए।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
स्थिति को भांपते हुए घबराई छात्रा सिमरन ने समझदारी दिखाते हुए बस को नगर निगम कार्यालय के सामने रुकवाया और बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू की। इसी बीच घटना की जानकारी नगर निगम कार्यालय में मौजूद महापौर विकास शर्मा को मिली। उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी ली और पुलिस को सूचित किया। साथ ही मीडिया के माध्यम से बच्चे और उसके परिजनों की पहचान के लिए अपील जारी कराई।
परिजनों का पता लगने तक महापौर ने नगर निगम कर्मी सुनील को मासूम की सुरक्षित देखरेख के निर्देश दिए। उधर, बच्चे के बस में छूट जाने की जानकारी मिलते ही परिजन बस का पीछा करते हुए रामपुर तक पहुंच गए। वहां से उन्हें सूचना मिली कि बच्चा सुरक्षित रुद्रपुर नगर निगम कार्यालय में है। इसके बाद परिजन तुरंत नगर निगम पहुंचे, जहां पुलिस और महापौर की मौजूदगी में मासूम मन्नू को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया।
अपने बच्चे को सकुशल पाकर माता-पिता भावुक हो उठे और सभी ने राहत की सांस ली। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा ने मीडिया और पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए माता-पिता को भविष्य में ऐसी लापरवाही न बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है।




