विदेश भेजने के नाम पर 15.50 लाख की ठगी,विदेश सपनों की दलाली और सिस्टम की खामोशी? किच्छा थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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किच्छा थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
रुद्रपुर/किच्छा। विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। किच्छा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी


पंजाब के तरनतारन निवासी अमनदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि जून 2024 में उनके रिश्तेदार रणजीत सिंह को ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर किच्छा निवासी जिमान सिंह बेदी, कुलदीप बेदी उर्फ बिल्ली, अमन चड्ढा और राजू बेदी ने कुल 15 लाख 50 हजार रुपये ले लिए।
शिकायत के अनुसार अलग-अलग तारीखों में आरोपियों के खातों में बैंक ट्रांजेक्शन और नकद भुगतान किया गया। इसके बदले में आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए। जब पीड़ित एयरपोर्ट पहुंचा तो अधिकारियों ने कागजात फर्जी बताते हुए उसे वापस भेज दिया।
पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी अभी भी रकम हड़पने की फिराक में हैं, जिससे उसे और उसके परिवार को खतरा बना हुआ है।
पुलिस ने मामले में धारा 420 (धोखाधड़ी), 504 (गाली-गलौज) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक जय प्रकाश चंद्रा को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
विदेश सपनों की दलाली और सिस्टम की खामोशी?विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी कोई नया अपराध नहीं, बल्कि सिस्टम की ढीली पकड़ का नतीजा है। किच्छा का ताजा मामला दिखाता है कि कैसे एजेंट फर्जी दस्तावेजों के सहारे लोगों के सपनों को कारोबार बना लेते हैं। सवाल सिर्फ 15.50 लाख की ठगी का नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक निगरानी का है जो ऐसे नेटवर्क को समय रहते नहीं रोक पाती। जब पीड़ित न्याय मांगता है तो उसे धमकियां मिलती हैं—यह कानून के राज पर सीधा हमला है। जरूरत है सख्त निगरानी, पंजीकृत एजेंसियों की सूची और त्वरित कार्रवाई की, ताकि विदेश जाने की चाहत ठगी का शिकार न बने।


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