गूलरभोज। सिंचाई विभाग की भूमि पर काबिज 26 अतिक्रमणकारियों के कच्चे- पक्के आवासों पर आखिरकार प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त करा दिया। इस बीच प्रशासनिक टीम को महिलाओं के हल्के विरोध का सामना करना पड़ा,बावजूद पहले से मुस्तैद प्रशासन ने तीन घंटे के भीतर कार्रवाई को अंजाम देकर अतिक्रमित सरकारी भूखंड को खाली करवा संबंधित विभाग की जिम्मेदारी में सुपुर्द कर दिया।

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हरिपुरा जलाशय की डाउन स्ट्रीम की सेकेंड बर्म ठंडा नाला पर पिछले कुछ वर्षों से मुस्लिम कलंदर समुदाय के लोगों ने अतिक्रमण कर कच्चे पक्के आवास बना लिए थे। डेमोग्राफिक चेंज का मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद सप्ताह पूर्व एसडीएम और तहसीलदार की अगुवाई में सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इन अतिक्रमणकारियों को 29 नवंबर तक अपने-अपने कब्जे हटा लेने का नोटिस चस्पा किया था साथ ही मुनादी भी करवाई थी। इसी कड़ी में बीते शुक्रवार को एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार लीना चंद्रा की अगुवाई में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाल फिर से मुनादी कराते हुए तत्काल अतिक्रमण हटाने की अंतिम चेतावनी दी थी।

शनिवार सुबह नौ बजे एसडीएम ऋचा सिंह व तहसीलदार लीना चंद्रा की अगुवाई में वन,सिंचाई व पुलिस विभाग के आला अफसरों ने पुलिस बल के साथ चिन्हित अतिक्रमण पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। इस दौरान अधिकांश कच्चे आवासों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक टीम की मजबूत घेराबंदी देख कोई बड़े विरोध का साहस नहीं जुटा सका। हालांकि महिलाओं की पुलिस बल से जरूर तीखी नोंकझोंक हुई। इससे बेपरवाह प्रशासनिक टीम ने तीन घंटे के भीतर कार्रवाई को अंजाम देकर अतिक्रमित भूखंड खाली करवा लिया। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम,एक्सईएन सिंचाई विभाग बीएस डांगी,ऊर्जा निगम के जेई महताब अली,सीओ विभव सैनी सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

ढाई एकड़ सरकारी भूमि हुई अतिक्रमण मुक्त…

जलाशय की भूमि पर पिछले आठ-दस सालों में एक ही समुदाय (मुस्लिम कलंदर) के परिवारों की आश्चर्यजनक बढ़ोतरी होती गई लेकिन,विभाग ने माकूल कार्रवाई नहीं की। नतीजतन ढाई एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण की चपेट में आ गई। शनिवार की कार्रवाई के बाद पूरे रकबे को खाली करवा कर इस एहतियात के साथ सिंचाई विभाग के सुपुर्द कर दिया ताकि फिर से अतिक्रमण न हो।

भारी फोर्स देख सहमें अतिक्रमणकारी..

संवेदनशील कार्रवाई स्थल को लेकर प्रशासन का होमवर्क पूरा था। दिनेशपुर, गदरपुर,पंतनगर व बाजपुर थाने के पुलिस बल के अलावा दो बटालियन पीएसी,महिला फोर्स के जवानों की कई चक्र में घेराबंदी थी। सिंचाई और वन विभाग के बड़े अफसर अपने अधीनस्थों संग लगातार पुलिस को बैकअप देते रहे। यही वजह रही अधिकांश पुरूष वर्ग प्रतिरोध का साहस नहीं कर सके।


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