

गदरपुर।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को तहसील परिसर के समीप एक विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद करीब ढाई हजार से अधिक लोग धरने में शामिल हुए और न्याय की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की। धरने के उपरांत उत्तराखंड के राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से प्रेषित किया गया।

धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने किया। इस मौके पर उप नेता विधानमंडल कांग्रेस भुवन कापड़ी, विधायक गोपाल राणा, विधायक आदेश चौहान, जिला अध्यक्ष सहित अनेक वरिष्ठ कांग्रेस नेता, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था और बेटियों की सुरक्षा पर एक गहरा प्रश्नचिह्न है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिशों ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए, वह भी उच्च न्यायालय के किसी सेवानिवृत्त या वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में। उन्होंने इसे देवभूमि उत्तराखंड के लोगों का अधिकार बताया।
उप नेता भुवन कापड़ी ने कहा कि सरकार की चुप्पी और टालमटोल रवैया जनता के आक्रोश को और बढ़ा रहा है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में वक्ताओं ने साफ चेतावनी दी कि यदि अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में रुद्रपुर मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर “अंकिता को न्याय दो”, “बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” जैसे नारे लगाए। नेताओं ने कहा कि आज गदरपुर तहसील के बाहर हुआ यह जुलूस और धरना सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी।
कड़ाके की ठंड में भी जिस तरह से हजारों लोग सड़कों पर उतरे, उसे वक्ताओं ने उत्तराखंड भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के बढ़ते आक्रोश का संकेत बताया और कहा कि यह आंदोलन सत्ता की उल्टी गिनती की शुरुआत है।




