

17 को कब्जे में ले लिया गया है।

ये ऑपरेशन 12 जगहों पर चलाए गए। ऑपरेशन में दो विद्रोही बालाओं, 21 साल की हवा बलोच और 24 साल की आसिफा मेंगल, ने दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों के चीथड़े उड़ा दिए। हवा ने जहां सुरक्षाकर्मियों से मोर्चा लिया, वहीं आसिफा ने नोश्की स्थित आईएसआई के मुख्यालय पर वाहन बम के रूप में फिदायीन हमला किया। इसे बलूचिस्तान में दो दशकों का सबसे बड़ा हमला भी कहा जा रहा है।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

दो महिला फिदायीन भी शामिल
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में सोमवार को स्वीकार किया कि हमलों में दो महिला फिदायीन भी शामिल हुईं। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्रोह से निपटने के लिए राज्य में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा। बीएलए ने हवा बलोच का वीडियो भी जारी किया, जो उनकी मौत से 12 घंटे पहले का बताया जा रहा है।
वहीं पाकिस्तान सरकार ने दावा किया है कि बलूचिस्तान में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में 177 आतंकी मारे गए हैं। साथ ही, बीएलए ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें 11 फिदायीन शामिल थे। संगठन ने कुछ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को हिरासत में लेने और बाद में मानवीय आधार पर छोड़ने की भी बात कही।

आतंकी समूहों को साथ लाने की योजना विफल
आईएएनएस के अनुसार, पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा और आइएसकेपी जैसे समूहों को बीएलए के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश सफल नहीं हो सकी है, जिससे पाकिस्तान सेना और सरकार हताश है। विशेषज्ञों का मानना है कि बीएलए अब एक “जन आंदोलन” का रूप लेता दिख रहा है, जिससे निपटना सरकार के लिए कठिन होता जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह संघर्ष जल्द थमने के आसार नहीं हैं।
पाक में इस साल 28 प्रतिशत बढ़े आतंकी हमले
पीटीआई के अनुसार, पाकिस्तान में इस साल जनवरी में संघर्षों में होनेवाली मौतें 43 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ कान्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (पीआईसीएसएस) के अनुसार इस साल जनवरी में कुल 361 लोग मारे गए हैं, जिनमें 242 आतंकवादी, 73 नागरिक और 46 सुरक्षा बल जवान शामिल हैं।
जनवरी में आतंकी हमलों के मामले भी 28 प्रतिशत बढ़े हैं। जनवरी में 87 हमले हुए, जबकि दिसंबर 2025 में 68 हमले हुए थे। इनमें भी 38 आतंकी हमले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुए।
हवा बलोच के पिता भी थे बीएलए लड़ाका
बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार, 21 साल की हवा बलोच लेखिका थीं। उनके पिता भी बीएलए के लड़ाके थे, जिन्हें 2021 में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मार दिया था। बीएलए ने बताया कि ये हवा बलोच का आखिरी संदेश था. जो उनके मरने से 12 घंटे पहले रिकॉर्ड किया गया था।
वीडियो में हवा कहती है, ‘बलूच भाई-बहनों, आज तुम्हारी एक बहन पंजाबी आर्मी के सामने खड़ी है। अब तुम लोगों को हिम्मत करके आगे आना चाहिए। हमारे पास और कोई रास्ता नहीं बचा है। पाकिस्तान डर की वजह से आगे नहीं आ रहा। पाकिस्तान हमारा सामना नहीं कर सकता।’
21वें जन्मदिन पर बीएलए में शामिल हुई थीं आसिफा मेंगल
नुश्की में आईएसआई मुख्यालय पर वाहन बम बनकर हमला करने वाली दूसरी फिदायीन का नाम आसिफा मेंगल था। इस महिला हमलावर के बारे में बीएलए ने कहा है कि मेंगल मोहम्मद इस्माइल की बेटी थीं और बलूचिस्तान के नुश्की की रहने वाली थीं।
उनका जन्म दो अक्टूबर, 2002 को हुआ था और वह अपने 21वें जन्मदिन पर बीएलए की मजीद ब्रिगेड में शामिल हुई थी। बीएलए ने एक बयान में कहा है कि मेंगल ने जनवरी 2024 में फिदायीन बनने का फैसला किया था।




