

रूद्रपुर,उत्तराखंड में बिना मान्यता संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य में बड़े पैमाने पर ऐसे स्कूलों की शिकायतें मिलने के बाद शिक्षा महानिदेशक के निर्देश पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
रुद्रप्रयाग जिले में बिना मान्यता संचालित 69 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर मान्यता संबंधी प्रक्रिया पूरी करने या स्कूल बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया है। जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी पी.के. बिष्ट द्वारा निदेशालय को भेजी गई रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की गई है। इन स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार अधिकांश स्कूल ऐसे हैं, जो प्री-प्राइमरी और प्राइमरी स्तर पर संचालित हो रहे हैं। कई स्कूलों ने एक बार मान्यता तो प्राप्त की, लेकिन बाद में उसका नवीनीकरण नहीं कराया, जो आरटीई अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।
शिक्षा महानिदेशक ने बताया कि प्राथमिक शिक्षा निदेशक से सभी जिलों की रिपोर्ट तलब की गई है। यदि 15 दिन की समय-सीमा के भीतर मान्यता संबंधी प्रकरणों का निस्तारण नहीं होता है, तो आरटीई के प्रावधानों के तहत स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान संबंधित स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाचार्य की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार रुद्रपुर सहित अन्य जिलों में भी ऐसे स्कूलों की संख्या कम नहीं है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई की तलवार अब वहां भी लटक सकती है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के स्कूलों की मान्यता से जुड़े दस्तावेजों की स्वयं जांच कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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