

मिसाइल में लगे उन्नत गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम ने अपनी क्षमता साबित की और निशाने पर बेहद सटीक वार किया. टेस्ट के दौरान मिसाइल ने हाई-स्पीड फ्लाइट, स्थिरता और टर्मिनल एक्यूरेसी के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया.

युद्ध मिशन को अंजाम देने की पूरी तैयारी
सेना के मुताबिक यह मिशन युद्ध जैसी परिस्थितियों में किया गया, जिससे यह सिद्ध होता है कि भारतीय सेना की ब्रह्मोस यूनिट्स किसी भी समय वास्तविक युद्ध मिशन को अंजाम देने की पूरी तैयारी में हैं. साउदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने इस सफल लॉन्च की सराहना की.




