

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम काटने के आरोप लगाये हैं. उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर हमला तेज करते हुए उन्हें ‘खतरनाक’ करार दिया. आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का इस्तेमाल 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के लाखों योग्य मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से हटाने के लिए कर रहे हैं.

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
ममता बनर्जी का आरोप- डेढ़ करोड़ वोटर के नाम हटाने के हैं निर्देश
नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जायेंगी.
बंगाल की सीएम बोलीं- देश का गृह मंत्री खतरनाक
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देश का गृह मंत्री खतरनाक है. उनकी आंखों में यह साफ दिखता है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने एसआईआर शुरू कर दिया है. अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट जाता है, तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता. पश्चिम बंगाल में कोई डिटेंशन सेंटर (निरुद्ध केंद्र) नहीं बनेगा. ममता ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान जिलाधिकारियों पर डेढ़ करोड़ नाम काटे जाने का दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बिहार में आपने ऐसा कर लिया होगा, लेकिन बंगाल में नहीं कर सकते.
ममता बनर्जी का कृष्णनगर में हुआ भव्य स्वागत. ममता ने हाथ जोड़कर जताया आभार.
भाजपा के आइटी प्रकोष्ठ के कहने पर तैयार की जा रही मतदाता सूची
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि मसौदा मतदाता सूचियां भाजपा के आइटी प्रकोष्ठ के कहने पर तैयार की जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने उन खबरों का हवाला दिया कि लोगों ने अपने दस्तावेजों के तौर पर दादा-दादी के नाम दिये थे, उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया जायेगा और उनका नाम सूची से हटाया जा सकता है. उन्होंने कहा- अब हम सुन रहे हैं कि जिन्होंने अपने दादा-दादी के नाम दिये हैं, उन्हें बुलाया जायेगा और योजना यह है कि इन सुनवाइयों से सीधे नाम हटा दिये जायें.
एसआईआर की सुनवाई पर नजर रखने के लिए दिल्ली से भेजे जा रहे हैं लोग – ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए भाजपा से जुड़े अधिकारियों को तैनात कर रहा है. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को प्रभावित करने और एसआईआर की सुनवाइयों पर नजर रखने के लिए दिल्ली से ऐसे लोग भेजे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में स्थिति पर नजर रखने के लिए दिल्ली से भाजपा समर्थित कुछ लोगों को भेजा जा रहा है. केवल भाजपा की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों हो रही है? सुश्री बनर्जी ने लाखों नाम हटाने की भाजपा की शिकायत का जिक्र करते हुए कहा, ‘भाजपा ने शिकायत की है. वे चाहते हैं कि उनके नाम को छोड़कर बाकी सभी के नाम हटा दिये जायें.’
मैंने अभी तक नहीं भरा गणना प्रपत्र – ममता बनर्जी
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने खुद अभी तक अपना गणना प्रपत्र नहीं भरा है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘क्या अब मुझे दंगाइयों की पार्टी को अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है?’ मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उन्होंने अपना एसआईआर गणना-प्रपत्र नहीं भरा है. उन्होंने घोषणा की कि वह ऐसा तभी करेंगी जब हर आम नागरिक का फॉर्म स्वीकार कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा: एक बीएलओ मेरे आवास स्थित कार्यालय आये. लेकिन मैंने खुद कोई फॉर्म नहीं लिया है. क्या अब मुझे दंगा करने वालों की पार्टी के सामने अपनी नागरिकता साबित करनी होगी?
पीएम, सीएम और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को नहीं भरना है फॉर्म
निर्वाचन आयोग के अधिकारी पहले ही साफ कर चुके हैं कि मौजूदा मुख्यमंत्री होने के नाते बनर्जी पहले से ही ‘चिह्नित मतदाता’ के तौर पर पंजीकृत हैं, जिस श्रेणी में प्रधानमंत्री, सभी मुख्यमंत्री और अन्य संवैधानिक पद पर बैठे लोग शामिल हैं, और कानूनी तौर पर उन्हें गणना-प्रपत्र जमा करने की जरूरत नहीं है.
बंगालियों को बांग्लादेशी बताकर डिटेंशन सेंटर भेजने के लिए कुछ भी कर सकते हैं अमित शाह – ममता
गृह मंत्री शाह ने बुधवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि देश में एक भी घुसपैठिये को नहीं रहने दिया जायेगा और अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े लोग बंगाल से गायब हो जायेंगे. इस पर मुख्यमंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि हमारे पास एक (केंद्रीय) गृह मंत्री हैं, जो सभी बंगालियों को बांग्लादेशी करार देकर उन्हें निरुद्ध केंद्रों में भेजने के लिए कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन हम किसी को भी पश्चिम बंगाल से बाहर नहीं निकालने देंगे. अगर किसी को जबरन निकाला जाता है तो उसे वापस लाने का तरीका हम बखूबी जानते हैं.
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