ज्यो ति मल्होत्रा की जासूसीः यूट्यूबर से पाकिस्तानी जासूस बनने की चौंकाने वाली कहानी: हिसार की गलियों से निकलकर सोशल मीडिया की दुनिया में कदम रखने वाली ज्योति मल्होत्रा की जिंदगी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।

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ज्योति, जो कभी रिसेप्शनिस्ट और फिर स्कूल टीचर रहीं, अब एक प्रसिद्ध यूट्यूबर बन गई थीं। हाल ही में, हिसार पुलिस ने उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किया। उनकी भौतिक सुख-सुविधाओं की चाहत ने उन्हें देश विरोधी गतिविधियों की ओर धकेल दिया। आइए जानते हैं कि कैसे एक साधारण लड़की इस खतरनाक रास्ते पर पहुंची।

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)

ज्योति का प्रारंभिक जीवन

ज्योति मल्होत्रा हिसार की न्यू अग्रसेन कॉलोनी में अपने पिता हरीश कुमार मल्होत्रा के साथ एक छोटे से घर में रहती थीं। उनके पिता बिजली वितरण निगम से रिटायर्ड हैं, और ज्योति उनकी इकलौती संतान हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन ज्योति के सपने बड़े थे। 12वीं कक्षा पास करने के बाद उन्होंने जल्दी ही नौकरी की तलाश शुरू की।

14 साल पहले, उन्होंने हिसार के एक कोचिंग सेंटर में रिसेप्शनिस्ट के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि, उनकी महत्वाकांक्षाएं इससे कहीं अधिक थीं। रिसेप्शनिस्ट की नौकरी के बाद, ज्योति ने एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया, लेकिन वहां भी उनका मन नहीं लगा। कुछ समय बाद, वे फिर से हिसार लौटकर एक निजी ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट बन गईं। बार-बार नौकरी बदलने के बावजूद, ज्योति को वह चमक और रुतबा नहीं मिला, जिसकी वे तलाश कर रही थीं।

सोशल मीडिया की ओर बढ़ता कदम

ज्योति का दिल हमेशा ऐशो-आराम की जिंदगी की ओर खिंचा। वे बड़ी गाड़ियों में घूमना, मशहूर हस्तियों के साथ समय बिताना और बैंक में मोटी रकम चाहती थीं। कोरोना महामारी के दौरान, गुरुग्राम की नौकरी छोड़कर हिसार लौटने के बाद, उन्होंने सोशल मीडिया को अपनी मंजिल बनाया।

उन्होंने ‘ट्रैवल विद जो’ नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया, जहां वे देश-विदेश की यात्राओं के वीडियो साझा करने लगीं। उनके चैनल पर 3.77 लाख और इंस्टाग्राम पर 1.31 लाख फॉलोअर्स जुड़ गए, जो उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत था।

लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी ने खतरनाक मोड़ लिया। ज्योति ने कई वीडियो बनाए, जिनमें पाकिस्तान की सकारात्मक छवि को बढ़ावा दिया गया। क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भारत-पाकिस्तान मैचों पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं और कश्मीर टूर के वीडियो ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा।

जासूसी के आरोप और गिरफ्तारी

जांच एजेंसियों को पता चला कि ज्योति तीन बार पाकिस्तान जा चुकी हैं और वहां की खुफिया एजेंसियों के संपर्क में थीं। इसके बाद उनके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की निगरानी शुरू की गई।

हिसार पुलिस को पुख्ता सबूत मिले कि ज्योति ने पाकिस्तान के लिए जासूसी की और देश विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया। न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से ज्योति को गिरफ्तार किया गया, और उनके पांच साथियों को भी हिरासत में लिया गया।

ज्योति के वीडियो में वे सेलिब्रिटी जैसी जिंदगी जीती नजर आती थीं, लेकिन हकीकत में उनका घर साधारण था। उनके पिता ने बताया कि ज्योति ने हिसार के एफसी वुमन कॉलेज से बीए किया और ज्यादातर समय दिल्ली में बिताती थीं। इस गिरफ्तारी ने उनके परिवार और आसपास के लोगों को स्तब्ध कर दिया।

सीख और भविष्य के सवाल

ज्योति की कहानी हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि लालच और गलत रास्ते कितनी आसानी से किसी की जिंदगी को तबाह कर सकते हैं। एक मेहनती लड़की, जिसने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई, कैसे गलत रास्ते पर चल पड़ी? यह घटना युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया की चकाचौंध और आसान पैसों की चाहत खतरनाक रास्तों पर ले जा सकती है।

ज्योति और उनके साथियों के खिलाफ जांच जारी है। पुलिस उनके नेटवर्क और अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। क्या यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की निगरानी को और सख्त करना चाहिए? ज्योति मल्होत्रा की कहानी एक चेतावनी है कि सपनों को पूरा करने का रास्ता मेहनत और ईमानदारी से ही तय करना चाहिए।


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