

यमकेश्वर। उत्तराखंड की सियासत में एक नए विकल्प के रूप में उभर रही हिमालय क्रांति पार्टी ने यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में अपने जनसंपर्क अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी है। पार्टी के नेता सतेंद्र रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता गाँव-गाँव जाकर जनता से संवाद कर रहे हैं और 25 वर्षों के विकास मॉडल पर सीधा सवाल उठा रहे हैं—“25 साल में क्या बदला?”

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देकर युवाओं, किसानों और महिलाओं से बातचीत कर रहे हैं। पार्टी का दावा है कि क्षेत्र का युवा आज भी रोजगार के लिए भटक रहा है, खेती असुरक्षा और लागत बढ़ने के कारण संकट में है तथा लगातार हो रहे पलायन से गाँव खाली होते जा रहे हैं।
सतेंद्र रावत ने कहा कि राज्य गठन के बाद से अब तक अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय रोजगार के मुद्दे जमीनी स्तर पर जस के तस हैं। उन्होंने कहा कि यमकेश्वर की जनता अब पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर एक नए विकल्प की तलाश में है।
हिमालय क्रांति पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य क्षेत्रीय अस्मिता, स्थानीय संसाधनों पर अधिकार और युवाओं के लिए स्थायी रोजगार सृजन है। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि यमकेश्वर विधानसभा में इस बार राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
जनता की प्रतिक्रिया क्या रूप लेती है, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन इतना तय है कि यमकेश्वर में बदलाव की दस्तक अब खुलकर सुनाई देने लगी है।




