

रूद्रपुर। शहर की बस्तियों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों के जरिए हो रहे ध्वनि प्रदूषण को लेकर महापौर विकास शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए महापौर ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से वार्ता कर नियमों का सख्ती से पालन कराने का अनुरोध किया है।
महापौर को विभिन्न बस्तियों के लोगों ने शिकायत दी थी कि कुछ धार्मिक स्थलों, विशेषकर मस्जिदों पर, नियमों के विपरीत उच्च क्षमता के लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। इससे न केवल सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन्स का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों और मरीजों की शांति भी प्रभावित हो रही है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वाले धार्मिक स्थलों को चिन्हित करें। पहले चेतावनी दी जाएगी और सुधार न होने पर लाउडस्पीकर उतारकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महापौर विकास शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित है और दिन में भी तय डेसिबल सीमा का पालन अनिवार्य है।
महापौर ने सभी धर्मगुरुओं और प्रबंधन समितियों से अपील की कि वे सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए स्वेच्छा से नियमों का पालन करें, ताकि शहर में शांति और सौहार्द बना रहे।




