पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच बनाएगा 1100 आजीवन सदस्य, पहले दिन 30 सदस्य जुड़े

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वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मण सिंह लमगड़िया बने सदस्यता अभियान के संयोजक

हल्द्वानी। पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच की आयोजित आम बैठक में पर्वतीय समाज के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने संस्था के प्रति जनविश्वास और आस्था को स्पष्ट कर दिया। बैठक में आगामी उत्तरायणी मेले को भव्य, आकर्षक व सांस्कृतिक स्वरूप देने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने मेले को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी रखे।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

मंच के संस्थापक सदस्य हरिश सिंह मेहता ने सुझाव दिया कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं को शोभायात्रा में झांकियां निकालने हेतु आमंत्रित किया जाए। जवाहर समाज के देवेंद्र सिंह धर्मसत्तू ने मंच को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। वहीं कई सदस्यों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए नए कलाकारों को अवसर देने की बात कही।

मंच के अध्यक्ष खड़क सिंह बगड़वाल ने बताया कि इस वर्ष 7 जनवरी से 15 जनवरी तक आयोजित होने वाले उत्तरायणी मेले को नए, भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा तथा सदस्यों के सुझावों को अमल में लाया जाएगा।

बैठक में मंच के संरक्षक हुकुम सिंह कुंवर ने संस्था की चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने पर जोर देते हुए प्रस्ताव रखा कि कम से कम 1100 आजीवन सदस्य बनाए जाएं, जिनकी सदस्यता शुल्क ₹1100 प्रति सदस्य निर्धारित की जाए। उन्होंने बताया कि 1100 सदस्य पूर्ण होने के बाद संस्था के चुनाव कराए जाएंगे।

बैठक में पहले ही दिन 30 लोगों ने आजीवन सदस्यता ग्रहण की। सदस्यता अभियान के संयोजक के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी एवं देवीधुरा मेला समिति के संरक्षक लक्ष्मण सिंह लमगड़िया को नियुक्त किया गया।

शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए त्रिलोक बनोली के नेतृत्व में चार सदस्यों की समिति गठित की गई, जिसमें नरेंद्र बगड़वाल, शैलेंद्र दानू और मनोज खुलवे को शामिल किया गया।

बैठक में उपाध्यक्ष गोपाल सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में सचिन, देवेंद्र तोलिया, भुवन जोशी, शोभा बिष्ट, पुष्पा संभल, नवीन वर्मा, हेमंत बगड़वाल, पृथ्वी पाल सिंह रावत, डॉ. केदार पलाडिया, बृजमोहन बिष्ट, संदीप भैसोड़ा, रितिक आर्य, प्रताप चौहान, जगमोहन बगड़वाल, मुकेश शर्मा, एनडी तिवारी, आनंद सिंह भाकुनी, श्याम सिंह नेगी, महेंद्र तड़ागी, जगदीश पंथ, पंकज सुयाल, माधो सिंह देवपा, सुशील भट्ट सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।

बैठक का संचालन मंच के सचिव देवेंद्र तोलिया द्वारा किया गया।


पर्वतीय संस्कृति के पुनर्जागरण का संकल्प,हल्द्वानी में पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच की आम बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि पर्वतीय समाज आज भी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़ा हुआ है। उत्तरायणी जैसे लोकपर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी पहचान और परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। मंच द्वारा उत्तरायणी मेले को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने का निर्णय पूरी तरह सराहनीय है।1100 आजीवन सदस्य बनाने का लक्ष्य और उसके बाद पारदर्शी चुनाव कराने का संकल्प संस्था को नई ऊर्जा और लोकतांत्रिक मजबूती देगा। वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मण सिंह लमगड़िया को सदस्यता अभियान की जिम्मेदारी सौंपना विश्वास बढ़ाने वाला कदम है। पहले ही दिन 30 सदस्यों का जुड़ना समाज के उत्साह का प्रमाण है।शोभायात्रा में झांकियां, नए कलाकारों को मंच और समाज की व्यापक सहभागिता यह संकेत देती है कि मंच परंपरा के साथ-साथ नवाचार को भी आगे बढ़ा रहा है। निस्संदेह, यह प्रयास पर्वतीय संस्कृति के संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों को उसकी विरासत से जोड़ने में मील का पत्थर बनेगा।




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