

कोर्ट ने राज्य सरकार सहित विपक्षियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई को 11 मार्च की तिथि नियत की है। कोर्ट ने साफ किया है कि जोड़े की जानमाल की रक्षा की जाय। मामले के अनुसार मुस्लिम समुदाय की लड़की व सिख सुमदायके युवक याचिका दायर कर कहा है कि दोनों एक दूसरे को लंबे समय से जानते है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
अब वे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करना चाह रहे है लेकिन युवती के स्वजन राजी नही है। अब उनको जानमाल का खतरा पैदा हो गया है जबकि दोनों बालिग होने के साथ अपना भला बुरा समझते है। आगे का जीवन एक दूसरे के साथ सुखी से बिताना चाह रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा को लेकर प्रार्थनापत्र एसएसपी ऊधमसिंह नगर को दिया है लेकिन अभी उनको सुरक्षा नहीं दी गयी।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि प्रेमी जोड़ा अलग अलग धर्म के हैं और दोनों बालिग है। शादी करना चाह रहे हैं, इसपर कोई आपत्ति नही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रेमी जोड़े को सुरक्षा देने के साथ ही राज्य सरकार व अन्य विपक्षियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।




