नेपाल में जेन-जी आंदोलन के दौरान वहां की जेलों से भागे कैदियों की धरपकड़ को अब भारत की भी मदद ली जाएगी। नेपाल पुलिस शीघ्र भारतीय पुलिस की मदद से कई राज्यों में दबिश देकर फरार कैदी-बंदियों को पकड़ेगी।

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नेपाल के कंचनपुर जिले की पुलिस 98 कैदी-बंदियों को खोज रही है। इसी साल अगस्त में नेपाल में युवाओं के विद्रोह ने तख्तापलट कर दिया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ जेन-जी सड़कों पर उतरे थे। जिस कारण नेपाल की अर्थव्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई थी। इसी बीच युवाओं ने नेपाल की जेलों में बंद सैकड़ों कैदी-बंदियों को भगा दिया था।

उत्तराखंड के चम्पावत जिले के बनबसा से लगे नेपाल के कंचनपुर से भी 357 कैदी-बंदी भगा दिए गए थे। कंचनपुर के सूचना अधिकारी जीवन पंत के मुताबिक अब तक कई कैदियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। लेकिन 98 कैदी अब भी फरार हैं। इनमें कई भारतीय भी शामिल हैं। इनकी धरपकड़ को अब नेपाल पुलिस, भारतीय पुलिस से मदद लेकर कई राज्यों में दबिश देगी। इन राज्यों में दबिश देगी नेपाल पुलिस फरार कैदी-बंदियों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल पुलिस भारतीय दूतावास से अनुमति लेकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली में दबिश देने की तैयारी कर रही है। बिहार सरकार ने नेपाल से फरार हुए कैदियों को लेकर राज्य में लुकआउट भी जारी कर दिया है। नशा तस्करी से जुड़े हैं 32 कैदी नेपाल के कंचनपुर की जेल से फरार चल रहे 98 कैदियों में से सबसे अधिक 32 नशा तस्करी से जुड़े हैं। दुष्कर्म के मामलों में 20 और गैर इरादतन हत्या, चोरी व अन्य मामलों में 46 आरोपी फरार हैं। फिलहाल इस तरह की जानकारी नहीं है। अगर नेपाल पुलिस मदद मांगती है तो हम सहयोग करेंगे। आंदोलन के दौरान भी कुमाऊं की पुलिस ने फरार कैदियों को पकड़ने के लिए सीमावर्ती इलाकों में चेकिंग की थी। हमारी पुलिस सीमावर्ती जनपदों में 24 घंटे अलर्ट है। रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं।


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