

ये वही कमांड हैं जिसने पाकिस्तान के हमलों से देश को बचाया. बल्कि करारा जवाब भी दिया. यह दौरा मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुआ, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों और हमलों का माकूल जवाब दिया.

संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
वेस्टर्न कमांड की टोपी का महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहनी गई वेस्टर्न एयर कमांड की टोपी केवल एक सैन्य प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत की रक्षा तैयारियों, नेतृत्व और शत्रु के खिलाफ दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. इस टोपी का महत्व निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है…

वेस्टर्न एयर कमांड की रणनीतिक भूमिका
वेस्टर्न एयर कमांड भारतीय वायु सेना का सबसे महत्वपूर्ण कमांड है, जो पश्चिमी सीमाओं की रक्षा करता है. यह कमांड राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे क्षेत्रों में हवाई संचालन का नेतृत्व करता है, जो पाकिस्तान से लगते हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, इस कमांड ने अपनी तत्परता और प्रभावशीलता को साबित किया, जिसने पाकिस्तान के नापाक इरादों को विफल कर दिया. टोपी पहनकर नरेंद्र मोदी ने इस कमांड के योगदान को सम्मानित किया.
जवानों के मनोबल को बढ़ावा
सैन्य टोपी पहनना एक प्रतीकात्मक इशारा है, जो जवानों को यह संदेश देता है कि देश का नेतृत्व उनके साथ खड़ा है. नरेंद्र मोदी ने पहले भी कई मौकों पर सैन्य टोपियां पहनी हैं, जैसे कि सियाचिन में सेना की टोपी या लद्दाख में आईटीबीपी की टोपी. आदमपुर में वेस्टर्न कमांड की टोपी पहनकर, उन्होंने जवानों को यह आश्वासन दिया कि सरकार उनकी वीरता और बलिदान को महत्व देती है.

पाकिस्तान को कड़ा संदेश
टोपी का प्रतीकात्मक महत्व केवल भारत तक सीमित नहीं है. यह पाकिस्तान के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. वेस्टर्न एयर कमांड ने हाल के टकराव में पाकिस्तानी हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई में उनकी वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट किया. इस टोपी को पहनकर नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट किया कि भारत किसी भी आक्रामकता का जवाब देने में सक्षम है.
राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक
यह टोपी भारत की सैन्य ताकत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है. ऑपरेशन सिंदूर में वायु सेना, थल सेना, और नौसेना ने एकजुट होकर काम किया, जो भारत की एकीकृत रक्षा रणनीति को दर्शाता है. नरेंद्र मोदी का यह कदम देशवासियों में गौरव और विश्वास की भावना को जगाता है.
आदमपुर एयरबेस का दौरा और ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
आदमपुर एयरबेस, जो पंजाब के जालंधर के पास स्थित है, भारत की पश्चिमी सीमा की रक्षा में एक महत्वपूर्ण सामरिक केंद्र है. यह एयरबेस वेस्टर्न एयर कमांड के अधीन आता है, जो भारत की पश्चिमी सीमाओं, विशेष रूप से पाकिस्तान से लगने वाले क्षेत्रों की हवाई रक्षा का नेतृत्व करता है.

मई 2025 में, पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया. इस ऑपरेशन के तहत, भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया.
पाकिस्तान ने इसके जवाब में 7-8 मई को भारत के 15 सैन्य ठिकानों, जैसे श्रीनगर, पठानकोट और आदमपुर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. वेस्टर्न एयर कमांड ने इन हमलों को नाकाम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में कमांड ने एकीकृत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट किया, जिससे भारत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
भारत ने लाहौर में पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को तबाह कर दिया, जो एक मजबूत रणनीतिक संदेश था. नरेंद्र मोदी का आदमपुर एयरबेस दौरा जवानों का मनोबल बढ़ाने और भारत की सैन्य ताकत को प्रदर्शित करने का एक प्रतीकात्मक कदम था.
नरेंद्र मोदी का जवानों से संवाद
आदमपुर एयरबेस पर नरेंद्र मोदी ने जवानों से बातचीत की और उनकी वीरता की सराहना की. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उनकी तत्परता और साहस की प्रशंसा की, जिसने पाकिस्तानी हमलों को नाकाम कर दिया. उन्होंने जवानों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देगी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना जारी रखेगी. इस दौरे के दौरान, उन्होंने एयरबेस पर तैनात मिग-29 और सुखोई-30 जैसे लड़ाकू विमानों का भी निरीक्षण किया, जो वेस्टर्न एयर कमांड की रीढ़ हैं.

वेस्टर्न एयर कमांड की ताकत
वेस्टर्न एयर कमांड के पास कई उन्नत संसाधन हैं, जो इसे भारत की पश्चिमी सीमाओं की रक्षा में सक्षम बनाते हैं…
- लड़ाकू विमान: मिग-29, सुखोई-30 और राफेल जैसे विमान इस कमांड का हिस्सा हैं, जो हवाई युद्ध और सटीक हमलों में सक्षम हैं.
- वायु रक्षा प्रणालियां: एस-400, आकाश और बराक-8 जैसी प्रणालियां कमांड के पास तैनात हैं, जो ड्रोन और मिसाइल खतरों को नष्ट करने में प्रभावी हैं.
- रडार और सेंसर: कमांड के पास उन्नत रडार सिस्टम हैं, जो 1,800 किमी तक के हवाई क्षेत्र की निगरानी कर सकते हैं.
ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड की भूमिका ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. नरेंद्र मोदी का यह दौरा जवानों का मनोबल बढ़ाने और देशवासियों में गौरव की भावना जगाने में सफल रहा. यह भारत की एकीकृत रक्षा रणनीति और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और कदम है.




