रविवार को जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम वनडे विश्व कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो पूरे देश की निगाहें जीत की उम्मीद लगाए रहेंगी।

Spread the love

यह मुकाबला सिर्फ एक ट्रॉफी के लिए नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के सपनों और जज्बात का प्रतीक बनने जा रहा है। भारत तीसरी बार (2005 और 2017 के बाद) खिताबी मुकाबले में पहुंचा है, जबकि साउथ अफ्रीका पहली बार फाइनल खेलने उतरेगी।

इस बार हरमनप्रीत कौर के पास अपनी कप्तानी में इतिहास बदलने का सुनहरा मौका है। सेमीफाइनल में जेमिमा रोड्रिग्स की नाबाद 127 रन की यादगार पारी और कप्तान हरमनप्रीत कौर के 89 रनों की बदौलत भारत ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराया था। अब फाइनल में भी इन्हीं दोनों से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। स्मृति मंधाना पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में रहकर टीम की बल्लेबाजी की रीढ़ बनी हुई हैं।

दीप्ति-ऋचा पलट सकती हैं मैच

वहीं, दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष जैसी खिलाड़ी किसी भी परिस्थिति में मैच का रुख पलटने की क्षमता रखती हैं। गेंदबाजी में भारतीय स्पिनर की अहम भूमिका होगी, जबकि तेज गेंदबाज नई गेंद से शुरुआती सफलता दिला सकती हैं। हालांकि, साउथ अफ्रीका की कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट और ऑलराउंडर मरिजान कैप भारत के लिए चुनौती बनेंगी। घरेलू दर्शकों का जोश और आत्मविश्वास भारतीय टीम की ताकत है। अब हर मन यही चाहता है कि भारतीय बेटियां इस बार इतिहास रचें और पहली बार विश्व कप ट्रॉफी देश को समर्पित करें।

भारत की कमजोरी और ताकत

ताकत

अनुभवी कप्तानी: हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम का आत्मविश्वास और मनोबल ऊंचा।
मजबूत टॉप ऑर्डर: स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा जैसी अनुभवी जोड़ी जो तेज शुरुआत देने में सक्षम।
मिडिल आर्डर का भरोसा: जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर का अनुभव बड़े मैचों में काम आता है।
स्पिन आक्रमण: भारत की स्पिन गेंदबाज धीमी पिचों पर घातक साबित होती हैं।

कमजोरी

तेज गेंदबाजी विभाग में निरंतरता की कमी, रेनुका ठाकुर के अलावा कोई स्थायी स्ट्राइक गेंदबाज नहीं।
लोअर ऑर्डर का योगदान सीमित: निचले क्रम में रन जुटाने की क्षमता की कमी।
कमजोर फील्डिंग: कैच ड्रॉप और रनआउट मौके गंवाने।
दबाव में बल्लेबाजी का टूटना: फाइनल या नॉकआउट मुकाबलों में मानसिक दबाव दिखता है

साउथ अफ्रीका की कमजोरी और ताकत

ताकत

संतुलित टीम संयोजन: बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन।
अनुभवी आलराउंडर: मरिजाने कैप टीम की रीढ़, हर परिस्थिति में उपयोगी।
टॉप ऑर्डर का विस्फोटक रूप: वोल्वार्ड्ट, ब्रिट्स और क्लो ट्रायान रन मशीन साबित हो रही हैं।
तेज गेंदबाजी में गहराई: टीम के तेज गेंदबाजों के पास घातक स्विंग और पेस है।

कमजोरी

स्पिन के खिलाफ संघर्ष: धीमी गेंदबाजी पर रन बनाने में परेशानी।
मिडिल ऑर्डर की अस्थिरता: शुरुआती झटकों के बाद पारी संभालने वाली खिलाड़ी कम।
फील्डिंग में असंगति: अहम मौकों पर मिसफील्डिंग।🏏 क्रिकेट हाइलाइट्स, स्कोर और बहुत कुछ


Spread the love