

रुद्रपुर का सरस मेला आज रात सचमुच “सरस” हो उठा। भोजपुरी नाइट के नाम से सजा मंच, और मंच पर जैसे ही श्वेता मेहरा ने कदम रखा—पूरे पंडाल की धड़कनें एक साथ तेज हो गईं। लेकिन मज़ा तब दोगुना हुआ जब भोजपुरी धुनों के बीच पहाड़ी गीतों की गूंज उठी। पहाड़ की मिट्टी की खुशबू और डांस के ठुमके—ऐसा संगम बना कि महफिल सचमुच लूट ली गई।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
रुद्रपुर, 19 फरवरी 2026। उधम सिंह नगर कार्निवाल सरस आजीविका मेला 2026 के छठे दिवस पर पूर्वांचल बॉलीवुड सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक रूपेश मिश्रा ने गणेश वंदना से शुरुआत की, जबकि उत्तराखंड की प्रसिद्ध गायिका श्वेता महर ने समां बांधा। मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने मेले की सराहना की। मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी ने स्टॉल निरीक्षण किया। इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, मेयर विकास शर्मा, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, नगर पंचायत अध्यक्ष हिमांशु शुक्ला, विवेक सक्सेना, पीडी हिमांशु जोशी, डीडीओ सुशील मोहन डोभाल, एसडीएम ऋचा सिंह, सीईओ केएस रावत, तहसीलदार दिनेश कुटौला, अभियंता सुशील कुमार, नंदनी तोमर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
पंडाल खचाखच भरा था। सफेद कुर्सियां, जो पिछली बार खालीपन का प्रतीक बनी थीं, इस बार मानो आत्मसम्मान की लड़ाई जीतकर पूरी तरह भरी हुई थीं। लाल कुर्सियों ने भी आधी-से-ज्यादा भागीदारी निभाई। यह दृश्य अपने आप में एक हल्का-सा व्यंग्य भी था—कभी खाली सफेद और भरी लाल कुर्सियों की चर्चा हुई थी, आज तस्वीर उलटी थी।
कहना गलत न होगा कि हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की खबर का असर भी जमीन पर दिखा। जनता सजग हुई, आयोजक सक्रिय हुए, और कुर्सियां भी शायद अपनी प्रतिष्ठा बचाने को तैयार हो गईं।
युवाओं की धूम… और 50 पार युवाओं की झूम
युवा-युवतियों ने तो डांस फ्लोर को अपना समझ ही लिया था, लेकिन असली सरप्राइज थे वे “50 क्रॉस युवा” जिनका जोश 35 साल पर अटका हुआ था।
कुर्सियों पर खड़े होकर ठुमके लगाते, मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाते, और चेहरे पर वही कॉलेज वाला उत्साह—उन्हें देखकर लगा कि उम्र केवल आधार कार्ड में बढ़ती है, दिल में नहीं।
उनके लिए एक सकारात्मक संदेश भी बनता है—
“जिंदगी के कैलेंडर में भले पन्ने पलटते रहें, पर मन का मौसम अगर बसंत रहे, तो हर मेला जवानी का उत्सव बन जाता है।”
जनप्रतिनिधियों की सक्रियता
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की टीम थोड़ी देर से पहुंची, रुद्रपुर के विधायक Shiv Arora और महापौर Vikas Sharma अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर आगे के जनसंपर्क कार्यक्रमों में निकलने ही वाले थे।
दोनों जनप्रतिनिधि लगातार मेले में निगरानी, संवाद और वार्ड स्तर पर संपर्क बनाए हुए हैं। यही निरंतरता उनकी लोकप्रियता में उछाल का कारण बन रही है। जनता के बीच दिखना और जनता के साथ खड़ा होना—राजनीति का सबसे सरल और प्रभावी सूत्र है।
बदली हुई पुलिस की छवि
रुद्रपुर पुलिस इस बार केवल “पहरा” नहीं दे रही थी, बल्कि “सहयोग” की भूमिका में नजर आई। VIP मूवमेंट के दौरान व्यवस्था सख्त और सटीक रही, लेकिन आम जनता के साथ व्यवहार में सहजता और सहयोग साफ दिखाई दिया।
लोगों ने खुलकर पुलिस की सराहना की। सफेद कुर्सियों पर ज्यादा पहरा नहीं था—क्योंकि इस बार वे खुद ही सम्मान से भरी थीं!
वीडियो और तस्वीरों में कैद जोश
हमारे द्वारा साझा किए जा रहे वीडियो में श्वेता मेहरा के पहाड़ी गीतों पर डांस और भीड़ का उमंग भरा दृश्य साफ देखा जा सकता है। तस्वीरों में कुर्सियों पर खड़े होकर झूमते लोग, मोबाइल कैमरों की रोशनी और तालियों की गूंज—सब मिलकर यह प्रमाण देते हैं कि गांधी पार्क ने एक यादगार रात देखी।
यह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रुद्रपुर की जीवंतता का प्रमाण था।
जहां युवा ऊर्जा, 50 पार जोश, जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और पुलिस की सहयोगी भूमिका—सबने मिलकर एक ऐसा माहौल बनाया, जिसमें मनोरंजन के साथ-साथ व्यवस्था और सहभागिता का संतुलन भी दिखा।
गांधी पार्क की यह रात बता गई—
जब जनता जागरूक हो, मीडिया सजग हो और मंच पर कलाकार सशक्त हो, तो सफेद कुर्सियां भी इतिहास बदल देती हैं।




