आतंकियों पर ड्रोन और फाइटर जेट से हमला करने वाले पाकिस्तान को अब अफगानिस्तान की ओर से करारा और सीधा जवाब मिला है। अफगान तालिबान मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार शाम को दो अज्ञात किलर ड्रोन ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के खैबर जिले में ISIS (इस्लामिक स्टेट) के ठिकानों पर आसमान से हमला किया।

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यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है और पाकिस्तान ने पहले ही अफगानिस्तान के अंदर हवाई हमला किया था।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

तालिबान मीडिया का दावा है कि ड्रोन हमले के दौरान ISIS के ठिकाने पर उसके कई प्रमुख कमांडर मौजूद थे, जिनमें अब्दुल हकीम तोहिदी, गुल नाजिम और सादिक यार शामिल थे। इन सभी पर अफगानिस्तान के अंदर कई हमलों के लिए ज़िम्मेदार होने का आरोप है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ISIS के ठिकानों पर हमला करने के बाद ये किलर ड्रोन आसानी से अफगानिस्तान वापस चले गए, जिससे पाकिस्तानी सेना की हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ISI के पाले हुए आतंकी बने निशाना

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में बीती रात को कई ड्रोन देखे गए हैं। इस ड्रोन हमले के दौरान पाकिस्तानी सेना ने अपनी हैवी मशीन गन से ड्रोन पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन वे उन्हें रोकने में पूरी तरह फेल रहे। पाकिस्तान की ओर से इस अफगान ड्रोन हमले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। तालिबानी मीडिया अल मिरशाद की रिपोर्ट के मुताबिक, मारे गए ISIS के ये आतंकी खैबर और ओरकजई इलाके के रहने वाले थे और स्थानीय आईएस आतंकी अब्दुल मलिक के करीबी सहयोगी थे, जिसकी 8 अगस्त को हत्या कर दी गई थी। हमले में निशाना बना आईएस आतंकी अब्दुल हकीम पश्चिमी जोन का प्रमुख है और वह अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में प्रमुख रूप से सक्रिय था। वह हमले के समय पाकिस्तान के खैबर प्रांत के पहाड़ी इलाके में छिपा हुआ था।

राजनीतिक तनाव और पाकिस्तान की दोहरी नीति

पाकिस्तानी सेना पर आरोप है कि वह जानबूझकर ISIS के आतंकियों को पाल रही है, ताकि वह अफगान तालिबान की सरकार पर दबाव बनाए रखे। पाकिस्तान चाहता है कि तालिबान उनके लिए नौकर की तरह काम करे और भारत के खिलाफ आतंकी हमले कराने में मदद करे। लेकिन तालिबान सरकार ने यह साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान के आगे नहीं झुकेगी और इसके विपरीत उसने भारत से अपने संबंध मजबूत किए हैं। इससे पहले पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के अंदर बड़ा हवाई हमला किया था, जिसमें 9 बच्चों समेत 10 लोग मारे गए थे। उस हमले के बाद तालिबान सरकार ने कहा था कि वह समय आने पर इसका करारा जवाब देगी, और ISIS के ठिकानों पर हुए इस ड्रोन हमले को इसी जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, तुर्की में पाकिस्तान और तालिबान के बीच बातचीत जारी है। पाकिस्तान लगातार तालिबान पर टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दबाव बना रहा है। वहीं, तालिबान का कहना है कि टीटीपी के आतंकी पाकिस्तान के अंदर ही छिपे हुए हैं। टीटीपी के सरगना नूर वली ने पिछले दिनों पाकिस्तान के पहाड़ों से अपना एक वीडियो जारी कर इस दावे को और मजबूत किया था। दोनों देशों के बीच बढ़ा यह सैन्य टकराव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहा है।

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