

अल्मोड़ा। नवरात्रि के पहले ही दिन जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने आ गई, जब पंडित हरगोविंद पंत जिला चिकित्सालय परिसर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बंद मिला। इलाज के लिए पहुँचे मरीज मायूस होकर लौटते रहे।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
जानकारी के अनुसार अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ को “कैंप ड्यूटी” के नाम पर रैमजे इंटर कॉलेज भेज दिया गया था। इस कारण मुख्य जिला चिकित्सालय परिसर का आयुर्वेदिक अस्पताल पूरी तरह ठप रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे ने इस गंभीर लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए अस्पताल के बंद रहने का वीडियो सार्वजनिक किया है। उन्होंने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों की आड़ में जिला अस्पताल की सेवाएँ बाधित करना मरीजों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।
पाण्डे ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि आयुर्वेदिक चिकित्सालय को हमेशा खुला रखा जाए, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात दोबारा दोहराए गए तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि त्योहारों के समय स्वास्थ्य सेवाएँ और अधिक सक्रिय रहनी चाहिए, न कि बंद।




