ठुकराल की एंट्री से सियासत गरम—रातभर आतिशबाजी, भाजपा में बेचैनी, ‘सुपरहीरो’ बनकर उभरे पूर्व विधायक

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रुद्रपुर। उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा भूचाल उस वक्त देखने को मिला जब राजकुमार ठुकराल ने कांग्रेस का दामन थामा। उनकी जॉइनिंग के बाद रुद्रपुर ही नहीं बल्कि किच्छा, सितारगंज, खटीमा, काशीपुर और गदरपुर तक जश्न का माहौल देखने को मिला। रातभर पटाखों की गूंज और समर्थकों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि ठुकराल की लोकप्रियता किस स्तर तक पहुंच चुकी है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


शहर के खेड़ा, शांति विहार, जगतपुरा, आवास विकास, मुख्य बाजार, ट्रांजिट कैंप और शिमला बहादुर जैसे इलाकों में समर्थकों ने जमकर आतिशबाजी की और मिठाइयां बांटीं। समर्थकों ने ठुकराल को “जनता का सुपरहीरो” बताते हुए उनके कांग्रेस में जाने को ऐतिहासिक कदम करार दिया।
सोशल मीडिया पर छाए ठुकराल
जॉइनिंग के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी राजकुमार ठुकराल सबसे ज्यादा ट्रेंड करते नजर आए। उत्तराखंड ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश से भी हजारों समर्थकों ने उनके समर्थन में पोस्ट साझा किए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह ट्रेंड उनके मजबूत जनाधार और जमीनी पकड़ का प्रमाण है।
भाजपा खेमे में हलचल और बेचैनी
ठुकराल की इस एंट्री ने भाजपा खेमे में भी हलचल तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार कई भाजपा नेताओं ने भी निजी तौर पर ठुकराल की कार्यशैली और जनसंपर्क की तारीफ की है।
रुद्रपुर के महापौर विकास शर्मा ने तुरंत मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, वहीं जिला अध्यक्ष स्तर पर भी प्रेस वार्ताएं आयोजित की गईं।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि ठुकराल के कांग्रेस में जाने से भाजपा का पारंपरिक जनाधार प्रभावित हो सकता है।
“जनता का नेता” बनाम सत्ता की चिंता
राजकुमार ठुकराल को लेकर समर्थकों में जो उत्साह दिखा, उसने उन्हें “सुपरहीरो” की छवि दे दी है।
उनकी छवि एक ऐसे नेता की रही है जो सड़क से लेकर विधानसभा तक सक्रिय रहे हैं, और यही वजह है कि उनके कदम का असर सीधे जमीनी राजनीति पर पड़ता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री धामी भी असहज?
राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह भी कहा जा रहा है कि पुष्कर सिंह धामी भी इस घटनाक्रम से असहज महसूस कर रहे हैं।
हालांकि आधिकारिक तौर पर भाजपा की ओर से इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बताया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने बढ़ती बेचैनी साफ झलक रही है।
2027 की लड़ाई का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री केवल एक जॉइनिंग नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक शुरुआत है।
उधम सिंह नगर में जिस तरह का माहौल बन रहा है, वह आने वाले समय में पूरे उत्तराखंड की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
राजकुमार ठुकराल की कांग्रेस में एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि उत्तराखंड की राजनीति अब नए मोड़ पर खड़ी है। जमीनी स्तर पर मिल रहा समर्थन और भाजपा खेमे की हलचल इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में सियासी मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला


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