

अब आप सोच रहे होंगे की भला हम अतीक के पिछले गुनाहों की क्यों बात कर रहे हैं. दरअसल, फिल्म धुरंधर के सेकेंड पार्ट में एक माफिया का किरदार दिखाया गया है, जो हूबहू अतीक से मिलता जुलता है. फिल्म में अतीक अहमद के आईएसआई कनेक्शन और बड़े साहब यानी कि दाऊद इब्राहिम के साथ लिंक को दिखाया गया है.

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
अतीक ने खुद कबूला था आईएसआई से कनेक्शन
बसपा के पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या के इकलौते गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसमें अतीक अहमद ने खुद यह कबूल किया था कि उसका संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा से है. पाकिस्तान से उसके गिरोह को हथियार मिलते रहते थे. अतीक ने पुलिस को बताया था कि उसके पास कभी हथियार की कमी नहीं रही. क्योंकि उसके संबंध पाकिस्तान एजेंसी आईएसआई से रहे. पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से पंजाब की सीमा में हथियार गिराए जाते थे. जिनको लोकल कनेक्शन उठा लेता था. इस नए खुलासे के बाद यूपी एटीएस जांच में जुट गई थी.
कैसे हुई थी अतीक-अशरफ की हत्या
साथ ही उसने यह भी बताया था कि जम्मू-कश्मीर के दशरथगढ़ से भी हथियार मिलते थे. पुलिस के मुताबिक अतीक का नेटवर्क नकली नोटों, हथियारों और ड्रग्स के अवैध व्यापार से जुड़ा था, जो पाकिस्तान समर्थिक आतंक वित्तपोषण का हिस्सा था. बता दें कि साल 2023 में 15 अप्रैल की रात को पुलिस कस्टडी में अतीक अहमद और उसके भाई अशरप की सरेआम हत्या कर दी गई थी. मेडिकल जांच के लिए जाते समय पत्रकारों के भेष में आए हमलावरों ने कैमरे के सामने ही अतीक और अशरफ की हत्या कर दी.
कौन था अतीक अहमद
अतीक का जन्म 1962 में प्रयागराज के एक साधारण तांगेवाले परिवार में हुआ था. छोटी उम्र से ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले अतीक ने 1980-90 के दशक में खुद को मोस्ट वांटेड माफिया के रूप में स्थापित किया. उसपर 150 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या, किडनैपिंग, जबरन वसूली, भूमि हड़पना और आतंकवादी से जुड़े आरोप शामिल थे. साल 2004 में अतीक सपा के टिकट पर फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद चुना गया. अतीक पांच बार विधायक भी बना था.




