ऊधम सिंह नगर में ‘सरस मेला 2026’ की तैयारी तेज, स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बड़ा मंच

Spread the love

ऊधम सिंह नगर। जनपद में प्रस्तावित ‘सरस मेला 2026’ को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आयोजित होने वाला यह मेला स्वयं सहायता समूहों (SHGs), कारीगरों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का सशक्त मंच प्रदान करेगा।

रुद्रपुर, 13 फरवरी 2026। गांधी पार्क में 14 से 23 फरवरी तक उधमसिंह कार्निवाल सरस आजीविका मेला-2026 आयोजित होगा। मेले का शुभारम्भ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार अपराह्न 4 बजे करेंगे। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सांसद अजय भट्ट, महापौर विकास शर्मा व विधायक शिव अरोरा उपस्थित रहेंगे। तैयारियों का निरीक्षण जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने अधिकारियों संग किया। उद्घाटन के बाद स्टॉल अवलोकन, सांस्कृतिक संध्या, हिमनांद बैण्ड व अमर नाथ सेवा मंडल द्वारा शिव जागरण का आयोजन होगा। प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

रुद्रपुर विधायक Shiv Aror
सरस मेला 2026 उधम सिंह नगर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा। यह केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी मातृशक्ति और स्वयं सहायता समूहों की मेहनत का उत्सव है। राज्य सरकार ग्रामीण उत्पादों को बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। मेले में अधिकाधिक स्थानीय समूह भाग लें, इसके लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। यह आयोजन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में मजबूत कदम साबित होगा।
रुद्रपुर महापौर Vikas Sharma
नगर निगम सरस मेला 2026 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है। शहर की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा प्रबंधों को प्राथमिकता दी जाएगी। हमारा प्रयास रहेगा कि बाहर से आने वाले प्रतिभागियों और आगंतुकों को रुद्रपुर की सकारात्मक छवि दिखे। यह मेला स्थानीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा देगा। नागरिकों से भी सहयोग की अपील की जाती है।


जिला प्रशासन के अनुसार मेले में हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, जैविक खाद्य सामग्री, पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय कला एवं संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। विभिन्न विकासखंडों से चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और महिलाओं की आय में वृद्धि हो।
अधिकारियों ने बताया कि ‘सरस मेला’ का उद्देश्य केवल व्यापारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का माध्यम भी है। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों की भी योजना है, जिससे क्षेत्रीय संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य स्तर पर भी इस आयोजन को विशेष महत्व दिया जा रहा है। उत्तराखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं आजीविका उन्नयन योजनाओं के अंतर्गत ऐसे आयोजनों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सके।
प्रशासन ने संबंधित विभागों को समन्वय के निर्देश दिए हैं तथा आयोजन स्थल, सुरक्षा, स्वच्छता और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। आने वाले दिनों में मेले की तिथियों और स्थान की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
‘सरस मेला 2026’ से स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह आयोजन जिले की आर्थिक गतिविधियों में भी सकारात्मक योगदान देगा।

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर में वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले सरस मेला की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। आधिकारिक दस्तावेज़ “SARAS U.S NAGAR 2026” � के अनुसार मेले का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित ग्रामीण उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है। इसमें हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद, पारंपरिक खाद्य सामग्री और विभिन्न राज्यों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और जिले की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

शैल सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री का रोड शो केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा,
“पर्वतीय समाज ने सदैव उत्तराखंड की अस्मिता और विकास के लिए अग्रणी भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री के आगमन पर हमारी मातृशक्ति पारंपरिक परिधानों में स्वागत कर अपनी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करेगी। यह आयोजन हमारी एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देगा।”
वहीं, पर्वतीय समाज समिति के अध्यक्ष गिरीश चंद्र जोशी ने कहा कि रोड शो के दौरान समाज की सैकड़ों महिलाएं और युवा शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य राजनीतिक लाभ नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के समक्ष पर्वतीय समाज की सकारात्मक भागीदारी और विकास संबंधी अपेक्षाओं को रखना है। राज्य निर्माण आंदोलन की भावना आज भी हमारे भीतर जीवित है, और हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की मूल भावनाओं के अनुरूप विकास कार्य आगे बढ़ें।”
समिति पदाधिकारियों के अनुसार स्वागत कार्यक्रम में पारंपरिक लोकगीतों और वाद्य यंत्रों के साथ मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया जाएगा। समाज की महिलाओं ने इस आयोजन के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है।

त्रिशूल चौक की डिटेल्स

वज़न _ 3.5 टन
मैटीरियल _ F R P
लागत 10. 56 का त्रिशूल ,
सिविल और गार्डिंग की वर्किंग 15 लाख से 17 ,
टोटल 28 से 30 , तक सभी कार्यों में
लंबाई 14 लंबाई 10 सिर्फ त्रिशूल की 14×10
बेस अलग है


Spread the love