

देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकने को तैयार है। नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के ल्वाड डोबा गांव के होनहार खिलाड़ी दुर्गा दत्त रूवाली का चयन विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री चैंपियनशिप के लिए हुआ है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 8 मार्च से 13 मार्च तक नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) स्टेडियम में आयोजित होने जा रही है, जिसमें लगभग 45 देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे।
इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दुर्गा दत्त रूवाली का चयन होना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे उत्तराखंड और विशेष रूप से ओखलकांडा क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। सीमित संसाधनों और पहाड़ी जीवन की कठिन परिस्थितियों के बावजूद दुर्गा ने अपने अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
दुर्गा दत्त रूवाली ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, विशेष रूप से अपने भाइयों और कोच को दिया है। उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचने की उनकी यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन उनके भाइयों का निरंतर सहयोग और कोच का मार्गदर्शन उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। कठिन परिस्थितियों में भी परिवार का हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
दुर्गा ने अपनी प्राथमिक शिक्षा नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के ल्वाड डोबा गांव से प्राप्त की। पहाड़ के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचने की उनकी कहानी आज युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि संकल्प मजबूत हो तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते।
दुर्गा दत्त रूवाली के चयन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। गांव के लोगों, सामाजिक संगठनों और खेल प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि वह इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
देवभूमि के इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी से पूरे देश को बड़ी उम्मीदें हैं। अब सबकी निगाहें नई दिल्ली में होने वाली इस विश्वस्तरीय प्रतियोगिता पर टिकी हैं, जहां दुर्गा दत्त रूवाली अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर भारत का परचम बुलंद करने के लिए मैदान में उतरेंगे।




