

रुद्रपुर में एक वकील को पुलिस द्वारा आपराधिक जांच के लिए उठाए जाने पर वकील समुदाय भड़क उठा है। उनका कहना है कि बिना भरोसे में लिए इस तरह की कार्रवाई न केवल प्रक्रिया के विपरीत है, बल्कि उनके पेशे के सम्मान पर सीधी चोट भी है। वकीलों ने मीडिया में खुलकर विरोध दर्ज किया, जिससे मामला नेशनल हाईवे तक पहुंच गया और पुलिस-वकील आमने-सामने दिखे। हालांकि स्थिति तनावपूर्ण है, फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है। यह घटनाक्रम कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है कि न्याय के प्रहरी और कानून के रखवालों के बीच संवादहीनता क्यों गहराती जा रही है।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
रुद्रपुर वकीलों का हंगामा: पुलिस कार्रवाई पर बवाल, हाईवे पर तनाव—कानून के दो पहरुओं की टकराहट!
रुद्रपुर में एक वकील को पुलिस द्वारा बिना पूर्व सूचना के उठाए जाने के बाद कानूनी बिरादरी सड़कों पर उतर आई है। वकीलों का आरोप है कि यह कार्रवाई न केवल न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन है, बल्कि उनके सम्मान पर सीधी चोट भी है।
मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही विरोध ने तूल पकड़ लिया। वकीलों ने मीडिया में बयान देकर पुलिस की कार्रवाई को ‘मनमानी’ बताया। उधर, नेशनल हाईवे पर वकीलों और पुलिस के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि नियंत्रण में है।
यह टकराव एक बड़े सवाल को जन्म देता है—जब न्याय के स्तंभ ही आपस में अविश्वास में घिर जाएं, तो आम नागरिक किससे न्याय की उम्मीद करे?




