रुद्रपुर।13–14 जनवरी को लोक–आध्यात्मिक स्वरूप में मनाया जाएगा उत्तरायणी (घुघुतिया त्यार) महोत्सव 2026

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शैल सांस्कृतिक समिति (शैल परिषद) द्वारा 13 व 14 जनवरी 2026 को शैल भवन, गंगापुर रोड में आयोजित होने जा रहे उत्तरायणी (घुघुतिया त्यार) महोत्सव 2026 को लेकर सोमवार को एक विस्तृत प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता में महोत्सव के सांस्कृतिक, सामाजिक, प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी


प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शैल परिषद के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवार ने कहा कि इस वर्ष उत्तरायणी महोत्सव को लोक–आध्यात्मिक भाव के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तरायणी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। लोकसंस्कृति, परंपरा और सामूहिक संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना शैल परिषद का मूल उद्देश्य है।
संरक्षक भरतलाल शाह ने महोत्सव के गैर-राजनीतिक स्वरूप को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह आयोजन पूर्णतः सांस्कृतिक है। किसी भी राजनीतिक या गैर-राजनीतिक संस्था को शैल परिषद के नाम, बैनर अथवा प्रतीक के उपयोग की अनुमति नहीं है।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश बाम ने बताया कि महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। टेंट, स्टेज, स्टॉल, विद्युत, स्वच्छता, पार्किंग एवं सुरक्षा की व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है।
महोत्सव के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि
13 जनवरी 2026 को उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार गजेन्द्र राणा, डॉ. कुसुम भट्ट, विक्रम रावत, जगदीश भट्ट एवं राजेन्द्र बिष्ट अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
वहीं 14 जनवरी 2026 को क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र–छात्राएं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोकसंस्कृति का प्रदर्शन करेंगे। दोनों ही दिनों में छोलिया नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
डॉ. एल.एम. उप्रेती एवं डॉ. किशोर चंदोला ने बताया कि महोत्सव स्थल पर पर्वतीय व्यंजन, हस्तशिल्प, ऊनी वस्त्र एवं जड़ी-बूटी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक संबल मिलेगा।प्रेस वार्ता में डॉ. किशोर चंदोला ने जानकारी दी कि उत्तरायणी (घुघुतिया त्यार) महोत्सव 2026 के दौरान सामाजिक सरोकार को ध्यान में रखते हुए निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस शिविर में डॉ. एल.एम. उप्रेती तथा ब्लड बैंक से जुड़े विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहेंगे, जबकि होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज से जुड़े डॉक्टरों की टीम द्वारा आमजन की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। डॉ. चंदोला ने कहा कि शैल परिषद का उद्देश्य केवल संस्कृति का संरक्षण नहीं, बल्कि समाज के प्रति स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा भावना को भी सशक्त करना है।

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से संरक्षक , भरतलाल शाह, अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल, डॉ L, M उप्रेती,कार्यक्रम संयोजक दिनेश बम,प्रमुख कार्यकारिणी सदस्य राजेंद्र बोहरा, सतीश ध्यानी, नरेंद्र रावत, जगदीश बिष्ट, दान सिंह मेहरा ,राजेश भरड़ा , नीलम कांडपाल, धीरज गोस्वामी, मनोज कुमार जोशी, रमेश नेगी, भास्कर जोशी, पूरन चंद जोशी,


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